बाहर के लोग देख सकेंगे संस्कृति की झलक

मधुबनीः बदल रहे माहौल का व्यापक असर क्षेत्रीय भाषा, सभ्यता व संस्कृति पर पड़ा. पुरखों के गौरव को संरक्षित करने की कोशिश विभिन्न स्तरों पर शुरू हुई. इस कड़ी में शहर के बीच थाना चौक पर विद्यापति टावर बनाया गया. मैथिली भाषा एवं यहां की संस्कृति को संरक्षित रखने में महान कवि विद्यापति योगदान अविस्मरणीय […]

मधुबनीः बदल रहे माहौल का व्यापक असर क्षेत्रीय भाषा, सभ्यता व संस्कृति पर पड़ा. पुरखों के गौरव को संरक्षित करने की कोशिश विभिन्न स्तरों पर शुरू हुई. इस कड़ी में शहर के बीच थाना चौक पर विद्यापति टावर बनाया गया. मैथिली भाषा एवं यहां की संस्कृति को संरक्षित रखने में महान कवि विद्यापति योगदान अविस्मरणीय रहा है.

इनकी आदमकद प्रतिमा बनाया जाना काबिले तारीफ ही माना जा सकता है. विधान परिषद के पूर्व सभापति पंडित ताराकांत झा के ऐच्छिक फंड से बनाये गये यह टावर संस्कृति से लोगों को जोड़ दिया है. टावर से गुजरते ही लोग अपने देसी भाषा से जुड़ा महसूस करते है. वहीं बाहर से आने वाले लोग भी यहां की संस्कृति का झलक देख सकेंगे. मालूम हो कि यहां पहले कूड़े कचरे का अंबार रहता था.

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