कारा से अवैध सामान की होती रही है बरामदगी

मधुबनीः जेल से डील कोई नयी बात नहीं है. अपराधियों पर नकेल कसने एवं सजा दिलाने की मुहिम से इस पर लगाम जरूर लगा. लेकिन समय के थपेड़ों के बीच यह लगाम कब छूट गया. यह मालूम नहीं. फिलहाल मंडलकारा में हुई छापेमारी से बरामद अवैध समान इसकी पुष्टि कर दिया है कि जेल का […]

मधुबनीः जेल से डील कोई नयी बात नहीं है. अपराधियों पर नकेल कसने एवं सजा दिलाने की मुहिम से इस पर लगाम जरूर लगा. लेकिन समय के थपेड़ों के बीच यह लगाम कब छूट गया. यह मालूम नहीं. फिलहाल मंडलकारा में हुई छापेमारी से बरामद अवैध समान इसकी पुष्टि कर दिया है कि जेल का रैकेट तेजी से मजबूत होता जा रहा है. हर कोई इसे बखूबी समझ रहा है.

नहीं जानने व समझने के दिखावा करने वाले प्रशासन के लिए 12 अक्तूबर 12 ही काफी कुछ संदेश दे दिया. जब मधुबनी कांड के बहाने न्यायिक परिसर से बाहर निकलते कैदी वहन को जला दिया गया. अपराधियों को भगा दिया गया. धीरे धीरे दबिश के कारण अन्य अपराधी वापस आ गये. पर पाकिस्तानी नागरिक का ठिकाना नहीं मिला. इस घटना ने भी जेल को लेकर प्रशासन को गंभीर नहीं बना सका. इस वर्ष कोतवाली चौक पर हुई दो हत्या, बिस्फी पतौना में महुआ सोसायटी के मंत्री की हत्या, रामपट्टी में हुई दो हत्या ने वारदात के बढते ग्राफ से लोगों को स्तब्ध कर रखा है. हत्या, डाकेजनी व अन्य आपराधिक गिरोह की इस बढ़ी घटनाओं को लेकर खुफिया विभाग द्वारा प्रशासन को लगातार सर्तक किया जाता रहा है.

जेल से हो रहे खेल की भूमिका की जांच किये जाने एवं सर्त्तकता बरतने को आगाह किया जाता रहा. लेकिन जेल के इस खेल में हर पहलू नक्कार खाने में तुती की आवाज बन कर रह जाया करती रही. तभी तो यहां चौकसी, तलाशी एवं कार्रवाई नहीं हो पायी. मालूम हो कि चुनाव के कार्यक्रम रूटीन जांच के लिये गये अधिकारियों को भी घंटों जेल के बाहर रुकना पड़ता रहा है. जिस पर बबेला मचा. लेकिन कुछ नहीं हुआ. ये तमाम परिस्थितियां जेल के अंदर से बाहर बनाये जा रहे बड़े गिरोह की पुष्टि करता रहा है. झंझारपुर कारा अधीक्षक विधु भारद्वाज नये अधीक्षक का प्रभार मिला तो सभी कड़ियां परस्पर जुड़ने लगी. इनके द्वारा हो रही लगातार छापेमारी में क्विंटल भर कोयला, टोकरी में मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं गांजा की बरामदगी लोगों को अचंभित कर रहा है. जेल अधीक्षक विधु भारद्वाज ने बताया कि जेल को क्लीन कर दिया जायेगा.

उठे कई सवाल

सवाल यह उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्र में समान वाहन से अंदर कैसे पहुंचा. बगैर वाहन से क्विंटल की मात्र में कोयला अंदर कैसे गया.

जेल सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न्

गौरतलब है कि जहानाबाद जेल पर नक्सली हमले के बाद पूरे राज्य में चौकसी बरतने, सीसीटीवी लगाने एवं सुरक्षा प्रबंध कड़ा करने का अभियान शुरू किया गया था. लेकिन इन बरामद समानों ने इस अभियान की सच्चई को उजागर कर दिया है. वहीं यह जेल इंडो-नेपाल बॉर्डर इलाके में होने के कारण और अधिक संवेदनशील माना जाता रहा है. जेल अधीक्षक की माने तो कार्रवाई में परेशानी तो है लेकिन व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त किया जायेगा.

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