मधुबनीः सांप्रदायिक दंगों के समय में रैपिड एक्शन फोर्स के द्वारा दंगा पर नियंत्रण कैसे हो इसका प्रदर्शन रैफ के जवानों द्वारा शुक्रवार को पुलिस केंद्र में किया गया.
106 बटालियन जमशेदपुर के डिप्टी कमांटेंड अनिल कुमार झा के नेतृत्व में एक कंपनी रैफ के जवानों द्वारा दिये गये डेमो में 1 मिनट का ड्रील दिखाया गया. इसमें एक मिनट के अंदर चार अत्याधुनिक हथियार को खोलना एवं जोड़ना दिखाया गया. अंधकार में जवान कैसे सांप्रदायिक क्षेत्रों में बहुत ही कम समय में आधुनिक हथियार को एकत्र कर उसे जोड़ते हैं. इसके लिये आंखों पर पट्टी बांध कर हथियार को जोड़ना दिखाया. दंगों के दौरान उपद्रवी तत्वों पर नियंत्रण के लिये कैसे रैफ के जवान क्षेत्र में अश्रु गैस के गोले, एवं कमर के नीचे गोली चलाते है.
इसका भी प्रदर्शन किया गया. ग्रेनेड, स्टैंड ग्रेनेड, शाक बटन ज्वाला आदि कई हथियारों का प्रदर्शन रैफ के जवानों ने किया. 106 बटालियन जमशेदपुर के रैफ के डिप्टी कमांटेंड अनिल कुमार झा ने बताया कि गृह मंत्रलय के निर्देश पर दंगा प्रभावित क्षेत्रों में रैफ के जवान दंगा पर नियंत्रण के लिये पहुंच कर दंगा पर काबू पाते हैं. दंगों के दौरान बीआइपी को दंगा क्षेत्र के बीच से निकालने के लिए स्पैड उपकरण का व्यवहार किया जाता है. इसमें स्प्रे करने पर भीड़ को खांसी एवं छींक आने लगती है जिससे भीड़ तितर बितर हो जाता है. रैफ द्वारा किये गये दंगा निरोधी ड्रील में सदर एसडीपीओ डॉ संजय भारती, साज्रेट मेजर अरुण कुमार सिंह, सार्जेट अरुण कुमार, उप निरीक्षक सुरेश राय एवं शहाबुद्दीन आरएएफ प्रारक्ष अवर निरीक्षक बोध नारायण मंडल सहित बिहार पुलिस के कई जवान एवं दंगा निरोधी बल ने रैफ के ड्रील को गंभीरता से अवलोकन किया.
