पशु चिकित्सा केंद्र पर दवा की किल्लत

मधुबनी : जिला पशुपालन चिकित्सालय में दवा नहीं रहने के कारण किसानों को काफी परेशानी हो रही है. किसान अपने पशु का इलाज कराने अस्पताल आते हैं लेकिन इलाज के बाद किसानों को ऊंची दाम पर बाजार से दवा खरीदना पड़ता है. दवा के लिए कई बार िनकाली गयी निविदा विभाग से मिली जानकारी के […]

मधुबनी : जिला पशुपालन चिकित्सालय में दवा नहीं रहने के कारण किसानों को काफी परेशानी हो रही है. किसान अपने पशु का इलाज कराने अस्पताल आते हैं लेकिन इलाज के बाद किसानों को ऊंची दाम पर बाजार से दवा खरीदना पड़ता है.

दवा के लिए कई बार िनकाली गयी निविदा
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 15 में दवा को लेकर विभाग ने दो बार निविदा निकाला. लेकिन कोई भी व्यक्ति अपना फॉर्म नहीं भरा. जिस कारण विभाग को दवा आपूर्ति नहीं किया. जिला पशुपालन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार विभाग के पास मवेशी के लिए कीड़ा की दवा आयगोखा, डायरिया, एनजाम आयोडीन सहित अन्य जटिल बीमारी का दवा पिछले एक साल से नहीं है.
दवा के लिए विभाग द्वारा पुन: तीसरी बार इसी माह निविदा प्रकाशन के लिए पटना जनसंपर्क विभाग को सूची भेजी गयी है. तीसरा बार फिर से निविदा का प्रकाशन होगा. विभाग का कहना था कि सरकार अगर नहीं चाहेगी तो इस बार भी दवा आपूर्ति नहीं होगा.
स्टाफ को आठ माह से नहीं मिल रहा वेतन
जिला सांख्यकी गणक वसुदेव कुशवाहा को पिछले आठ माह से वेतन नहीं मिल रहा है. जिस कारण भुखमरी का स्थिति बना हुआ है. श्री कुशवाहा ने बताया कि राज्य एवं केंद्र की पेंच में मामला फसा हुआ है. सेवक के वेतन में आधा राशि केंद्र सरकार देती है और आधा राशि राज्य सरकार इसी फेंच के कारण हम लोगों को वेतन नहीं मिल रहा है.

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