बिजली तार चोरी मामले में प्रशासन खामोश

बिजली तार चोरी मामले में प्रशासन खामोश पांच माह के बाद घटना की प्राथमिकी दर्जशक की सूइ विभागीय कर्मियों परअंधराठाढी. तीस लाख रुपये से अधिक मूल्य की बिजली तार चोरी के मामले में विद्युत आपूर्ति प्रशाखा अंधराठाढ़ी व रूद्रपुर थाना पुलिस खामोश हैं. अंधराठाढ़ी प्रखंड में बिजली तार चोरी की यह अब तक की सबसे […]

बिजली तार चोरी मामले में प्रशासन खामोश पांच माह के बाद घटना की प्राथमिकी दर्जशक की सूइ विभागीय कर्मियों परअंधराठाढी. तीस लाख रुपये से अधिक मूल्य की बिजली तार चोरी के मामले में विद्युत आपूर्ति प्रशाखा अंधराठाढ़ी व रूद्रपुर थाना पुलिस खामोश हैं. अंधराठाढ़ी प्रखंड में बिजली तार चोरी की यह अब तक की सबसे बड़ी घटना है. घटना के बाद विद्युत आपूर्ति कार्यालय ने प्राथमिकी दर्ज कराने से कतराया था. मामला तूल पकड़ने पर घटना के पांच माह बाद कनीय अभियंता मो. सरवर आलम की शिकायत पर रूद्रपुर थाना में 1 दिसंबर 2015 को अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी. बताते चलें कि 9 जुलाइ 2015 की रात अज्ञात चोरों ने कुल 21 खंभों के बिजली तार की चोरी हुई थी. चोरों ने ट्रैक्टर से बिजली खंभों को भी धराशायी कर दिया था. चोरी की घटना के बाद ठाढ़ी गांव में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई थी. लोग मुख्य सड़क को जाम कर प्रदर्शन किया. आरक्षी अधीक्षक के पहल पर मामला रूद्रपुर थाना में कांड संख्या 100/15 दर्ज हुआ. लोगों के जेहन में यह सवाल अभी भी बरकरार है कि इतनी बड़ी तार चोरी की घटना के बाद भी आखिरकार क्यों बिजली विभाग मामला दर्ज करवाने से कतरा रहा था. बताया जाता है कि मामले में विभागीय कर्मियों की भी संलिप्तता की बात सामने आ रही है. गौरतलब है कि निकठा गांव में कुछ दिन पहले ट्रांसफार्मर को पोल से उतार कर चोरों ने भीतर के क्वाइल आदि की चोरी कर ली थी. क्या कहते हैं अधिकारी आरक्षी निरीक्षक बीडी सिंह ने कहा मामले का अनुसंधान चल रहा है. अब तक इस घटना में कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है. चोर की तलाश अब भी जारी है.

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