मधुबनीः आदर्श स्टेशन के दर्जा प्राप्त मधुबनी स्टेशन का प्लेटफॉर्म जानलेवा बना हुआ है. बीती रात इस प्लेटफॉर्म की जजर्रता के कारण एक और यात्री को अपनी जान गंवानी पड़ी. सवारी गाड़ी 55513 से उतरने के दौरा 23 वर्षीय युवक सुरेंद्र मुखिया की मौत हो गयी. लौकही थाना के धबही ग्राम निवासी दुखी मुखिया के पुत्र सुरेंद्र उतरने के दौरान प्लेट फार्म के किनारे के हिस्से के जजर्र होने के कारण गिर गया जिससे सिर में चोट लगी. स्टेशन प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे सदर अस्पताल में भरती कराया लेकिन इलाज के दौरान शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गयी. मौत से परिजनों में आक्रोश व्याप्त है.
मालूम हो कि 24 नवंबर को 18605 अप रांची जयनगर एक्सप्रेस से उतरने के दौरान ट्रेन से कट कर सीआइएसएफ इंस्पेक्टर 59 वर्षीय सुशील कुमार झा की मौत हो गयी थी. उतरते समय प्लेटफॉर्म की जजर्रता के कारण ही ये गिर कर ट्रैक पर चले गये एवं दोनों पांव कट गया. इससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गयी. बेनीपट्टी प्रखंड के हरिपुर ढ़ंगा गांव के रहने वाले सुशील की मौत का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि सुरेंद्र की मौत हो गयी. दरअसल, मधुबनी स्टेशन का प्लेटफॉर्म काफी नीचे है. इसके ऊंचीकरण का काम छह माह पहले शुरू की गयी.
इसके लिए प्लेटफॉर्म एक के किनारे के हिस्से को उखाड़ कर ईंट लगा दिया गया. सारा कचरा प्लेटफॉर्म पर बिखरा हुआ है. इसके बाद से यह काम ठप पड़ा हुआ है. इसी माह हाजीपुर जोन के मुख्य अभियंता ने अपने निरीक्षण के दौरान इस पर आपत्ति जताया एवं कचरे को अलग रखने की व्यवस्था का निर्देश दिया. बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है. हालांकि प्लेटफॉर्म के प्रवेश द्वार की मरम्मती का काम शुरू किया गया है. बहरहाल, प्लेटफॉर्म एक की खराब हालत के कारण यहां हर दिन यात्री जख्मी होने को विवश है. रहिका के निवासी श्रवण झा, बसुआरा के मनीष सिंह, हरलाखी के निशांत पांडेय सहित 8 यात्री इस वर्ष जख्मी हो चुके हैं. स्टेशन अधीक्षक भोला प्रसाद पूर्वे ने बताया कि यात्रियों को असुविधा न हो इसके लिए लगातार काम किया जा रहा है. तकनीकी विभाग बेहतरी की दिशा में लगातार काम कर रही है. रेल प्रशासन के दावे के अनुकूल यात्रियों को सहूलियत कब तक मिल पायेगी, कहना कठिन है. फिलहाल ए ग्रेड दर्जा प्राप्त इस स्टेशन की असुविधा से यात्री जरूर परेशान हैं.
