डेंगू के दो नये मरीजों की हुई पहचान, लोगों में दहशत

मधुबनीः जिले में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. पूर्व में नौ डेंगू के मरीजों की पहचान जिले में की गयी थी. एक बार फिर से डेंगू मरीजों का मिलना शुरू हो गया है. इस बार जिले के मधेपुर के मरीज की पहचान डेंगू मरीज के रूप में की गयी है. […]

मधुबनीः जिले में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. पूर्व में नौ डेंगू के मरीजों की पहचान जिले में की गयी थी. एक बार फिर से डेंगू मरीजों का मिलना शुरू हो गया है.

इस बार जिले के मधेपुर के मरीज की पहचान डेंगू मरीज के रूप में की गयी है. एक अन्य मरीज पंडौल के समीप के गंधवार गांव का है. सदर अस्पताल में इन दोनों डेंगू के नये मरीजों की पहचान हुई है. दोनों ही डेंगू के मरीजों का एनएस 1 जांच पॉजिटिव पाया गया है.मधेपुर के वीरेंद्र पासवान के पुत्र पंकज कुमार पासवान व गंधवार गांव के महेंद्र राम का पुत्र सुरेश राम का डेंगू का एनएस 1 जांच पॉजिटिव पाया गया है. पर जिला स्वास्थ्य प्रशासन कुछ अन्य जांच के बाद ही डेंगू के मरीज की पुष्टि करता है.

ऐसे जांच पटना या मुजफ्फरपुर के मेडिकल कॉलेज में होता है.तबतक स्वास्थ्य विभाग इसे डेंगू का संदिग्ध मरीज ही मानता है. सदर अस्पताल में कई अन्य मरीजों का डेंगू की जांच कराने के लिये आने का सिलसिला जारी है. पर्व के अवसर पर कई लोग जो दिल्ली, मुंबई सहित अन्य महानगरों से आये हैं. उनमें से भी कई जांच के लिये सदर अस्पताल आने लगे हैं. अब तक 11 डेंगू के एनएस 1 जांच पॉजिटिव जिले में पाये गये हैं.

क्या है कारण

डेंगू एडिज मच्छर के काटने से होता है.यह मच्छर दिन में ही काटता है. साफ पानी में ही यह मच्छर ब्रीडिंग करता है. कूलर का पानी रोज बदलने व गमला में पानी जमा नहीं होने देने की डॉक्टरों ने सलाह दी है.

कैसे करें बचाव

पूरे बांह की शर्ट पहनें ताकि मच्छर न काट सके. जो भी शरीर का अंग खुला है उसमें मच्छर रोधी रिपलेंट इस्तेमाल करें. बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है.घर के आसपास पानी नहीं जमा होने दें.

क्या है लक्षण

हाइ फीवर,पूरे शरीर में असहनीय पीड़ा, लाल चकता, शरीर में काफी कमजोरी, बदन पर रैश या लाल चकता निकलना आदि है. इस बीमारी में मरीजों के मुंह से व अन्य रास्ते से ब्लीडिंग भी होता है. यह वायरस से होता है. अभी तक इस बीमारी का कोई दवा नहीं है. इसलिये लक्षण के आधार पर ही चिकित्सा की जाती है. शरीर में प्लेटलेट की कमी से ब्लीडिंग होती है.

क्या कहते हैं डॉक्टर

सदर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ पशुपति मिश्र का कहना है कि डेंगू से बचने के लिये सतर्कता जरूरी है. उन्होंने कोई भी लक्षण मिलने पर सदर अस्पताल में डेंगू का जांच कराने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में डेंगू का पर्याप्त किट उपलब्ध है.

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