पीपी तटबंध पर कटाव का खतरा

बगहा/ मधुबनी : वाल्मीकिनगर गंडक बराज से शनिवार की शाम में 1.90 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया. हालांकि फिलवक्त बारिश नहीं हो रही है. लेकिन दियारा का निचला इलाका अभी भी पानी में डूबा हुआ है. शनिवार की सुबह से गंडक नदी में नावों का परिचालन आरंभ हो गया. गंडक दियारा के इलाके में […]

बगहा/ मधुबनी : वाल्मीकिनगर गंडक बराज से शनिवार की शाम में 1.90 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया. हालांकि फिलवक्त बारिश नहीं हो रही है.

लेकिन दियारा का निचला इलाका अभी भी पानी में डूबा हुआ है. शनिवार की सुबह से गंडक नदी में नावों का परिचालन आरंभ हो गया. गंडक दियारा के इलाके में किसान – मजदूरों का आवागमन चालू हो गया.

उधर, मधुबनी प्रखंड के रंगलही के समीप गंडक नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण कटाव शुरू हो गया है. पिपरा पिपरासी तटबंध के 17 किलोमीटर पर रंगलही के पास लगभग 50 एकड़ गन्ना एवं धान की फसल नदी में विलीन हो गयी है. जिसको देखते हुए वहां बने ठोकर पर भी खतरा मंडराने लगा है.

ग्रामीण रामाशंकर पांडेय, गोपाल सिंह, मुन्ना पांडेय, अशोक सिंह, टुन्नू सिंह, ङिान्नू सिंह आदि ने बताया कि इस दियारे में गौरी टोला के लोगों के द्वारा बथान बनाया गया था तथा वहां दियारे में मवेशी रहते थे. वह बथान भी कट चुका है. ग्रामीणों के द्वारा दियारा क्षेत्र में गो तथा धान की खेती की गयी थी,

वह पूरी तरह से कट चुकी है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर शीघ्र यहां बचाव कार्य नहीं शुरू हुआ तो रंगलही सहित दर्जनों गांव बाढ़ के चपेट में आ सकते है. सीओ शाहिद अली ने कटाव का निरीक्षण किया.सीओ ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि के कारण वहां दबाव बना हुआ है. इसके बारे में वरीय अधिकारियों के साथ सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता को सूचित किया जा रहा है.

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