30 की जगह मात्र 14 जवान

नगर थाना में पुलिस बल की कमी, 50 फीसदी से कम जवान हैं पदस्थापित मधुबनी : पुलिस जवानों की भारी कमी है. जिस थाना में 30 पुलिस जवान रहने चाहिए उस थाने में महज 14 से 15 जवान ही तैनात हैं. जबकि इनके जिम्मे करीब ढाई लाख से अधिक की आबादी की सुरक्षा का जिम्मा […]

नगर थाना में पुलिस बल की कमी, 50 फीसदी से कम जवान हैं पदस्थापित
मधुबनी : पुलिस जवानों की भारी कमी है. जिस थाना में 30 पुलिस जवान रहने चाहिए उस थाने में महज 14 से 15 जवान ही तैनात हैं. जबकि इनके जिम्मे करीब ढाई लाख से अधिक की आबादी की सुरक्षा का जिम्मा है. पुलिस जवानों की कमी के कारण न सिर्फ आम लोगों को परेशानी हो रही है. बल्कि थाने में वर्तमान में पदस्थापित जवानों को भी भारी परेशानी हो रही है. वहीं, जवानों की कमी के कारण मामले के अनुसंधान में भी परेशानी होती है.
कैसे हो कानून राज कायम
एक ओर सरकार सूबे में कानून राज स्थापित करने की दावा कर रही है. तो दूसरी ओर थानों में आवश्यकता के अनुरूप जवान ही नहीं हैं. ऐसे में कानून राज कायम किये जाने की दावा जिले में दम तोड़ रही है. मिली जानकारी के अनुसार नगर थाना में 30 पुलिस बल की आवश्यकता है, लेकिन तैनात मात्र 14 जवान ही हैं. हालांकि वर्तमान में नव पदस्थापित एसपी अख्तर हुसैन ने थाने में तत्काल तीन अवर निरीक्षक का पदस्थापना किया है. उन्होंने दावा किया है कि मौजूद जवानों के दम पर ही नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की जायेगी.
ढाई लाख आबादी की सुरक्षा खतरे में
नगर थाना क्षेत्र के अधीन रहने वाले करीब ढाई लाख की आबादी सुरक्षित नहीं हैं. कब इनके घर में चोरी हो जाये, कब डकैती या फिर कब आपराधिक वारदात हो जाये यह कहना मुश्किल है.
हालात यह हैं कि यदि किसी के घर में डकैत घटना को अंजाम दे रहे हों और पुलिस को इसकी जानकारी मिले तो दो घंटे बाद भी पुलिस के जवान आ पायेगी या नहीं यह कहना असंभव है. दरअसल, जितना बड़ा क्षेत्र है उसके हिसाब से 30 से अधिक जवानों का पदस्थापना नगर थाना में होना चाहिए था, लेकिन इसके विपरीत मात्र 14 जवान ही पदस्थापित हैं.
जब रात को गश्ती की गाड़ी निकलती है तो यदि एक गाड़ी खर्रा खजुरी की ओर जाती है तो दूसरी ओर भिठ्ठी या शहर खाली हो जायेगा. जब तक गश्ती की गाड़ी सूचना मिलने पर घटना स्थल तक पहुंचेगी तब तक अपराधी आपराधिक घटना को अंजाम देकर चले गये होंगे.
हो चुकी है कई वारदातें
शहर में पुलिस बल की कमी के कारण दिन दहाड़े गोली फायरिंग की घटना हो जाती है. पुलिस देखते रह जाती है. विगत दिनों शहर के शंकर चौक पर विगत दिनों दिन दहाड़े गोली बारी की घटना हो गयी और पुलिस अपराधी को पकड़ने में नाकाम रही .
क्या कहते हैं अधिकारी
एसपी अख्तर हुसैन ने बताया है कि उपलब्ध पुलिस जवानों के दम पर ही सुरक्षा प्रदान करने की हर संभव कोशिश की जायेगी. अपराधियों के मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया जायेगा.
मधुबनी : बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन नौ सूत्री मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेंगी. शनिवार आठ से 10 अगस्त तक पुलिस कर्मी काला बिल्ला लगाकर अपने कर्तव्य के दायित्वों का निर्वहन करेंगे.
जिला पुलिस मेंस एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष जीतेंद्र कुमार ने राज्य स्तर पर होने वाले आंदोलनात्मक कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम चरण में 8 से 10 अगस्त तक कला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.
द्वितीय चरण में 16 अगस्त के प्रात: आठ से 17 अगस्त के प्रात: आठ बजे तक सभी शाखा पदाधिकारी अपने-अपने पुलिस अधीक्षक, समादेष्टा के कार्यालय पर केंद्रीय पदाधिकारी प्रक्षेत्रीय मंत्री क्षेत्रीय मंत्री पुलिस महानिदेशक कार्यालय के सामने 24 घंटा के धरना पर बैठेंगे.
तृतीय चरण में 26 से 30 अगस्त तक पुलिस कर्मी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे. उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों की मुख्य मांगों में एक माह का मानदेय स्वीकृतादेश के बदले में क्षतिपूर्ति अवकाश समाप्त करने के निर्णय, पुलिस कर्मियों को उत्क्रमित ग्रेड पे का नेशनल लाभ देने, बढ़ती महंगाई को देखते हुए वरदी भत्ता एवं राशन भत्ता बढ़ोतरी करने, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का अधिकार पूर्व की भांति पुलिस अधीक्षक एवं समादेष्टा को देने सहित कई मांग शामिल है.

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