मधुबनी : वहन विभाग में डाटा ऑपरेटरों की हड़ताल की वजह से शुक्रवार को काम काज पूर्णत: ठप रहा. बेलट्रान कंपनी की ओर से नियोजित डाटा इंट्री ऑपरेटर के हड़ताल पर चले जाने के कारण परिवहन कार्यालय, कोषागार एवं भविष्य निधि कार्यालयों का काम काज प्रभावित हुआ.
कामकाज का सबसे बुरा असर परिवहन कार्यालय पर पड़ा. क्योंकि नौ डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं एक प्रोग्रामर इस कार्यालय में कार्यरत हैं.
यह कार्यालय पूर्णत: कंप्यूटरीकृत है. इस कारण कैश काउंटर पर एक भी रुपये का चालान जमा नहीं हो सका. नया लाइसेंस, पुराने लाइसेंस का नवीकरण, गाड़ियों के निबंधन का कार्य पूर्णत: प्रभावित रहा. मनीष कुमार ने हड़ताल के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बेलट्रान के ऑपरेटरों को सरकार अपना कर्मी नहीं मानती है. उन्होंने कहा कि हमारी तीन मुख्य मांगे हैं. इसमें 60 वर्ष की जॉब सुरक्षा नियमावली का गठन एवं सीधे विभाग में समायोजन करने एवं बेलट्रान के पंचायती राज के ऑपरेटरों की वापसी या समायोजन सरकार करें.
विभाग को हो रहा का नुकसान
डाटा ऑपरेटरों के हड़ताल के कारण परिवहन कार्यालय को लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ. परिवहन कार्यालय के एक माह का राजस्व का लक्ष्य लगभग डेढ़ करोड़ है. जिला परिवहन पदाधिकारी रामरूप प्रसाद ने बताया कि हड़ताल के कारण काम काज पूर्णत: बाधित हो गया है. उन्होंने परिवहन मुख्यालय को इसकी सूचना दे दी है.
उन्होंने कहा कि कार्यालय के दैनिक कार्यो के निष्पादन के लिए भुगतान आधारित दो ऑपरेटर की मांग जिला पदाधिकारी से की है. वहीं, कोषागार पदाधिकारी सत्य नारायण ने बताया कि हड़ताल के कारण कामकाज कुछ हद तक प्रभावित हुआ है.
भविष्य निधि कार्यालय में हड़ताल का असर अधिक है. धरने पर बैठे सुभाष चंद्र ठाकुर, सुजीत कुमार, हरेंद्र कुमार, शिव नाथ, कुमारी ममता, लोकेश कुमार, मिथिलेश कुमार, ललन कुमार यादव, अनुज कुमार सहित कई ऑपरेटर शामिल थे.
