13 सूत्री मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
मधुबनी : तेरह सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी सेविकाओं ने शुक्रवार को समाहरणालय का घेराव किया. आंगनबाड़ी सेविका के प्रदर्शन का नेतृत्व करते संघ के अध्यक्ष प्रमीला पूर्वे ने कहा कि राज्य सरकार ने सेविका व सहायिकाओं को बंधुआ मजदूर से बदतर जीवन जीने पर बाध्य कर दिया है.
हर रोज जिला के आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका को अनेक प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ता है. अफसरशाही चरम सीमा पर है. दूसरी ओर कम पोषक की राशि देकर पूरे मात्र में अनाज वितरण के लिए दबाव बनाया जाता है. जांच के नाम पर नाजायज वसूली की जाती है.
आंगनबाड़ी सेविका की मुख्य मांगे
प्रदर्शन कर रहे आंगनबाड़ी सेविकाओं की मुख्य मांगों में आंगनबाड़ी सेविका को तृतीय एवं सहायिका को चतुर्थ श्रेणी के अनुरूप वेतन भत्ता देने एवं जब तक यह सुविधा बहाल नहीं होती है.
तब तक अन्य राज्यों की तहत सेविका को आठ हजार एवं सहायिका को चार हजार रुपये अतिरिक्त मानदेय का भुगतान करने, सेविका एवं सहायिका को कार्य की सीमा 65 वर्ष करने, सेवानिवृत्त के पश्चात पेंशन लाभ देने, सेवा स्थायी करने, चयन मुक्ति सेविकाओं को पुन: सेवा में वापस लेने, जिन प्रखंडों में सबला योजना नहीं चल रही है उन प्रखंडों में सबला योजना चलाने, आंगनबाड़ी केंद्र का मकान भाड़ा वर्ष 2012 से 2014 तक का शीघ्र भुगतान करने, राज्य सरकार के नियमानुसार 200 रुपये चिकित्सा भत्ता देने सहित अन्य मांग शामिल है.
धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को रामपरी देवी, वीणा देवी, राधा देवी, मंजू देवी, सुशीला देवी, गीता पांडेय, रंजू कुमारी, पूर्णिमा नायक, गुड़िया देवी, पुष्पा मेहता, अर्चना कुमारी, मधुबाला, उषा कुमारी, रामबोल देवी, शंभु नाथ ठाकुर, नवल किशोर झा, हरेंद्र कुमार ठाकुर, कमल नारायण सिंह, सहित दर्जनों आंगनबाड़ी सेविका ने संबोधित किया.
