नहीं हुआ ठेका : सफाई की ठोस व्यवस्था नहीं, प्लेटफॉर्म, परिसर व रेलवे ट्रैक पर गंदगी
मधुबनी रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन का दर्ज प्राप्त है. फिलहाल किसी भी स्तर पर यह मॉडल स्टेशन नहीं दिख रहा. हर जगह गंदगी ही गंदगी नजर आ रहा है. चाहे प्लेटफॉर्म हो या फिर रेलवे ट्रैक, और तो और लोगों के बैठने तक की जगह के पास भी गंदगी ही नजर आती है.
दरअसल, विगत 17 जून को ही स्टेशन की सफाई करने वाली एजेंसी के ठेके की समय समाप्त हो गयी है. इसके बाद से लगातार ठेका के लिए निविदा निकाली जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है.
मधुबनी : आदर्श रेलवे स्टेशन मधुबनी इन दिनों गंदगी की चपेट में है. स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर पूरे परिसर, यात्री के बैठने की जगह, रेलवे ट्रैक हर जगह आपको गंदगी मिल जायेगी. रेलवे विभाग साफ-सफाई पर गंभीर होने का दावे जरूर करता रहता है, लेकिन मधुबनी रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई के मामले में सब कुछ ठीक ठाक नहीं हैं. यहां हर जगह फिलहाल गंदगी का मंजर है.
दरअसल, रेलवे ने मधुबनी रेलवे स्टेशन की साफ-सफाई की व्यवस्था का ठेका आउट सोर्सिग के माध्यम से बाहरी एजेंसी मानकी एंड संस को दो साल के लिए दिया था, इसकी अवधि बीते 17 जून को समाप्त हो गयी. समय समाप्त होने के बाद एजेंसी ने काम करना बंद कर दिया. उसके बाद से अब तक मधुबनी स्टेशन की साफ-सफाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी है. इस कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गयी है. हालांकि मधुबनी स्टेशन की सफाई फिलहाल एक सफाईकर्मी के द्वारा करायी जा रही है, लेकिन एक कर्मी सफाई के लिए काफी नहीं है. पूर्व मध्य रेलवे की ओर से इसके लिए पुन: निविदा भी निकाली गयी, लेकि न अब तक सफाई बाहरी एजेंसी से नहीं कराया जा सका है.
रेलवे ट्रैक पर पसरी गंदगी
मधुबनी रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्री पहुंच यात्र करते हैं. रेलवे परिसर की साफ-सफाई का जिम्मा रेलवे प्रबंधन का है, लेकिन रेलवे ट्रैक पर गंदगी का अंबार लगे रहने से ऐसा लग रहा है कि इसकी सफाई कई दिनों से नहीं हुई है. गरमी के मौसम होने व आये दिन हो रही बारिश की वजह से इन गंदगी से बीमारी होने का खतरा बना रहता है. यात्रियों को सुविधा देना रेलवे की जिम्मेदारी है. प्लेटफॉर्म नंबर-1 से सटे रेलवे ट्रैक पर इन दिनों पॉलीथिन, रैपर सहित कचरा पसरा हुआ है. रेलवे परिसर प्रवेश करते ही आपको मवेशियों के द्वारा फैलायी गयी गंदगी दिख जायेगा. इतना ही नहीं बैठने के लिए साफ जगह की तलाश करने में आपको पसीने छूट जायेंगे. हर जगह गंदगी पसरी है. इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सफाई के प्रति यात्री गंभीर नहीं
वहीं, सफाई के प्रति यात्री भी गंभीर नहीं हैं. यात्री रैपर या अन्य खाद्य पदार्थ डस्टबीन में नहीं डाल कर यत्र-तत्र फेंक देते हैं. और तो और जगह-जगह पीलरों पर पान-गुटके की पीक फेंक कर गंदगी फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ते. साफ-सफाई की जिम्मेदारी आम आदमी की भी होनी चाहिए.
लगे रहते थे पांच सफाई कर्मी
जब आउट सोर्सिग के माध्यम से बाहरी एजेंसी के जिम्मे सफाई की व्यवस्था थी तो प्रतिदिन पांच सफाई कर्मी लगे रहते थे. फिलहाल एक ही सफाईकर्मी से रेलवे स्टेशन की सफाई करायी जा रही है. इस वजह से रेलवे स्टेशन की समुचित सफाई नहीं हो पा रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी
स्टेशन अधीक्षक एससी दास ने बताया है कि इस परेशानी से विभाग को अवगत करा दिया गया है. फिलहाल, प्रतिदिन एक कर्मचारी से सफाई करायी जा रही है.
