एजेंसी से ट्रैक्टर निकला नहीं, दर्ज कराया लूट का केस

खुटौना : 27 मई की सुबह खुटौना थाना पुलिस उस समय सकते में आ गयी जब बलानपट्टी निवासी बिहारी राम ने ट्रैक्टर लूट को लेकर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गयी और कांड का अनुसंधान थानाध्यक्ष रंजीत कुमार स्वयं करने लगे, लेकिन अगले […]

खुटौना : 27 मई की सुबह खुटौना थाना पुलिस उस समय सकते में आ गयी जब बलानपट्टी निवासी बिहारी राम ने ट्रैक्टर लूट को लेकर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
मामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गयी और कांड का अनुसंधान थानाध्यक्ष रंजीत कुमार स्वयं करने लगे, लेकिन अगले 48 घंटे में ही लूट का यह मामला धोखाधड़ी की एक ऐसी साजिश निकली, जिसका अनुमान आम तौर पर नहीं किया जा सकता है.
दरअसल, यह षड्यंत्र ट्रैक्टर पर मिलने वाली कृषि अनुदान की राशि को हड़पने की कोशिश थी, लेकिन पुलिस की गहनता से जांच के दौरान वादी समेत अन्य संबंधित लोगों के बयान में आये लगातार बदलाव ने कांड को दूसरे दिशा में मोड़ने में सहायक बनी. आखिरकार ट्रैक्टर लूट का मामला दर्ज कराने वाले थाना के बलानपट्टी निवासी बिहारी राम ने भी स्वीकार लिया कि यह सरकारी योजनाओं को हड़पने की साजिश थी.
क्या था मामला
पुलिस ने बताया है कि बीते 27 मई को थाना के बलानपट्टी निवासी बिहारी राम ने एक प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें उसने अपने नये ट्रैक्टर महिंद्रा गुजरात ट्रैक्टर मॉडल 840 को 26 मई की देर रात लूट लिए जाने की बात कही थी.
बताया गया कि रात करीब दो बजे चालक संजय राय नये ट्रैक्टर लेकर घर आ रहा था. उसी दौरान थाना के संपहा पुल के समीप चार अज्ञात व्यक्ति ने नये ट्रैक्टर को लूट लिया. पुलिस बिहारी राम के बयान पर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. इस कांड के अनुसंधानकर्ता स्वयं थानाध्यक्ष रंजीत कुमार हुए. प्राथमिकी के बाद कांड की जांच शुरू हुई.
बयान में आया विरोधाभास
खुटौना थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि जांच के दौरान ट्रैक्टर के चालक संजय राय से पूछताछ हुई तो उसने कोई भी ट्रैक्टर को एजेंसी से लाने की बात से पूरी तरह से इनकार कर दिया. साथ ही जिस होटल पर रूकने की बात कही गयी थी, वह भी गलत निकला.
दरअसल वह होटल काफी समय से बंद पड़ा हुआ है. इसके बाद मामले में फरर्जीवाड़ा की बू आने लगी. तब पुलिस ने जांच को दूसरी दिशा में ले गये. इसके बाद कांड के वादी व ट्रैक्टर एजेंसी के संचालक समेत अन्य लोगों से गहनता से पूछताछ की गयी.
अनुदान राशि हड़पने की साजिश
थानाध्यक्ष ने बताया है कि जब कांड के वादी से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने किसी भी लूट की घटना से इनकार किया. बताया कि वह एचडीएफसी बैंक से ट्रैक्टर के लिए लोन लिया था. इस पर कृषि विभाग द्वारा अनुदान दी जाती है. एजेंट द्वारा बताया गया कि अगर लूट या चोरी का मामला थाना में दर्ज करा दिया जाये तो कम से कम ढाई लाख रुपये वैसे ही मिल जायेंगे. यह राशि अनुदान व बीमा के तहत मिलने वाली राशि है.
पुलिस अनुसंधान जारी
थानाध्यक्ष ने बताया है कि अब यह लूट का मामला पूरी तरह से एक साजिश का भंडाफोड़ हो चुका है. वादी ने भी फरजीवाड़े की बात कबूल कर ली है, लेकिन पुलिस का अनुसंधान अब भी जारी है. संबंधित ट्रैक्टर एजेंसी से पूछताछ की जायेगी.

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