मधुबनी : लौकही थाना क्षेत्र निवासी 22 वर्षीय रेणु की आंखोंे से अविरल आंसू की धार वह रही थी. अपने हाथ में वह अपने पति मंजित का फोटो लिये उसे अपलकनिहार रही थी उसके उदास चेहरा. बहते आंसू वीरान आंखें उसके गम को स्वत: ही उजागर कर रही थी.
रविवार को उसका यह गम कुछ अधिक ही बढ़ गयी थी. पड़ोस में उसके सहेली माधवी की शादी हो रही थी. शहनाई के धुन जैसे जैसे उसके कानों में जाती उसी प्रकार उसके आंसुओं का सैलाब बढ़ता जाता. दरअसल रेणु के पति मंजित कुमार मंडल का विगत सात माह पूर्व लौकही थाना क्षेत्र के भुतहा चौक के समीप से अपहरण हो गया था तब से अब तक मंजित का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है. अब बेचारी रेणु अपने पति के वापसी के इंतजार में पल पल काट रही है.
11 नवंबर को हुआ था अपहरण
मंजित मंडल का अपहरण 11 नवंबर 2014 को लौकही थाना क्षेत्र के भुतहा चौक के समीप से हो गया था. मंजित के पिता राम बालक मंडल बताते हैं कि मंजित घोघरडीहा थाना क्षेत्र के दाहापट्टी स्थित अपने गांव से लौकही थाना क्षेत्र के मटही स्थित अपने ससुराल जाने के लिये निकला . शाम करीब छह बजे मंजित जैसे ही भुतहा चौक के समीप पहुंचा अज्ञात लोगों ने मंजित का अपहरण कर लिया परिजन ने उसी दिन लौकही थाना में आवेदन दिया था. जिसको लेकर लौकही थाना में कांड संख्या 161/14 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इसमें मंजित के पित राम बालक मंडल ने मटही के रेणु देवी महानंद मंडल प्रमिला देवी अनिल कुमार मंडल सहित अन्य पर मंजित के अपहरण करने की शंका व्यक्त की थी.
पुलिस का हाथ खाली
इसे अपहरणकर्ताओं की चालाकी कहें, परिजन का दुर्भाग्य था फिर पुलिस की नाकामी कि इस अपहरण कांड के करीब सात माह होने के बाद भी अब तक पुलिस का हाथ खाली है. पुलिस अपहृत मंजित या अपहरणकर्ताओं के बारे में कुछ भी जानकारी हासिल तक नहीं कर सकी है. पुलिस इस मामले में कुछ भी जानकारी नहीं मिल पाने की बात बता हाथ उठा दे रहीं है इधर परिजन एसपी डीएम से लेकर आइजी, डीआइजी तक गुहार लगा कर थक चुके है.
