तीन साल पहले गाड़े गये चापाकल किसी काम के नहीं
मधुबनी : पानी बिना सब सूना वाली कहावत वार्ड नंबर 7 में चरितार्थ हो रही है. चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी में इस वार्ड के लोग पानी के लिए तरस रहे है. जनप्रतिनिधि से लेकर नप प्रशासन ने इस ओर सही कदम नहीं उठाया. साढ़े तीन हजार आबादी के लिए सिर्फ आठ चापाकल ही चालू अवस्था में है.
आदर्शनगर, पासवान टोल, महादलित टोल, निजी बस पड़ाव, गोशाला मुहल्ला, संकटमोचन कॉलोनी, नवटोली मोड़ मुहल्ला में चापाकल की कमी है. ऐसा नहीं कि इस वार्ड में चापाकल नहीं लगे हैं. पर लगते ही चापाकल दम तोड़ देती है. अगर सिर्फ तीन साल के आकड़ों को देखें तो इस वार्ड क्षेत्र में सिर्फ 5 चापाकल लगे हैं.
चापाकल में राजनीति
शहर के वार्ड नंबर 7 में कुल 10 चापाकल लगे हुए है. जिसमें विधान पार्षद मद से दो, नगर परिषद से तीन तथा पांच विधायक मद से चापाकल लगे हैं. पर इसमें से आधे चापाकल आम लोगों के लिए है. जबकि आधे से अधिक चापाकल लोग व्यक्तिगत उपयोग में ला रहे हैं. वार्ड सूत्रों की माने तो कुछ लोग अपनी राजनीतिक वर्चस्व के कारण अपने निजी हित के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं. जिसके कारण जिसे पानी की जरूरत है. उन्हें नहीं मिल रहा है. इसमें गरीब तबके के लोगों को काफी परेशानी हो रही है. इससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
लोगों को सिर्फ मिल रहा आश्वासन
संजू कुमारी बताती हैं कि वार्ड में पेयजल की घोर कमी है. जनप्रतिनिधि को पहल करनी चाहिए.इंदिरा देवी कहती है कि चापाकल की कमी से महिलाओं की परेशानी होती है. पानी दूर से लाना पड़ता है. शीघ्र चापाकल लगनी चाहिए.
संगीता देवी का कहना है कि मुहल्ले में जो भी चापाकल लगे हैं हमेशा बंद ही रहता है. मुहल्ला से दूर जाकर पानी लाना होता है.
छोटू पासवान बताते हैं कि बंद पड़े चापाकल को शीघ्र ठीक कराया जाय. पानी के लिए घंटों कतार में खरा होकर बारी का इंतजार करना पड़ता है. जिससे कामकाज प्रभावित होता है.
लाल पासवान बताते हैं कि जनप्रतिनिधि को पेयजल के लिए पहल करनी चाहिए. सिर्फ आश्वासन से पेयजल की समस्या दूर नहीं होगी. प्रत्येक मुहल्ला में चार चापाकल लगनी चाहिए.
