मधुबनी : जिला दफादार चौकीदार संघ के सदस्यों नें समाहरणालय के समक्ष धरना दिया. उनकी प्रमुख मांग है कि सेवारत चौकीदारों व दफादारों को एसीपी का लाभ, दिया जाय, वर्दी का भुगतान किया जाय, वेतन विपत्र पारित करने की ऑनलाइन व्यवस्था की जाय. अन्य मांगों में एक तारीख को भुगतान करना, बैंक ड्यूटी समाप्त करना, अनाधिकृत रूप से चौकीदारों को थाना में नहीं रोकना आदि शामिल है.
सेवानिवृत्त चौकीदारों की अनुशंसा पर उनके एवजी को नियुक्त करने की भी मांग शामिल है. संघ के गुनानंद पासवान ने कहा कि अगर उनकी मांगों नहीं मानी गयी तो जुलाई 2015 में आंदोलन किया जायेगा. धरना पर बैठने वालों में संघ के जिला अध्यक्ष लाल बहादुर सिंह, परशुराम सिंह, जगदीश पासवान, राज कुमार पासवान, अमर पासवान , राम वरण पासवान प्रमुख थे.
नियोजित शिक्षकों का धरना 30 को
मधुबनी : सरकार से चली आ रही लंबित मांग वेतनमान की मांग पर अड़े आंदोलनकारी नियोजित शिक्षक 29 मई तक गठित कमेटी द्वारा सरकार के समक्ष रिपोर्ट नहीं सौंपने पर 30 मई को जिला मुख्यालय में समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना पर बैठेंगे. उक्त आशय की जानकारी जिलाध्यक्ष संजीव कुमार कामत ने दी है.
बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला इकाई मधुबनी के बैनर तले सोमवार को स्थानीय वाट्सन मध्य विद्यालय के प्रांगण में बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष संजीव कुमार कामत ने किया.
बैठक में उपस्थित की संख्या में पहुंचे शिक्षक, शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए. श्री कामत ने लंबित मांग वेतनमान की घोषणा होने तक हड़ताल पर डटे रहने की बात कही. वहीं 29 मई को आयोजित एक दिवसीय महा धरना कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिले के सभी प्रखंड के शिक्षकों को पहुंचने का अपील किया. बैठक को संघ कार्यालय सचिव मनीष कुमार ने भी संबोधित किया. बैठक में प्रधान सचिव अवधेश कुमार झा, सुरेंद्र प्रसाद चौधरी, रंजन चौधरी, लीलाधर पासवान, मो. मुर्तजा , डा. सीमा कुमारी, समेत शिक्षकों ने संबोधन किया.
मांगों को लेकर दिया धरना
मधुबनी. अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय के समक्ष धरना दिया. संयुक्त वाम किसान मजदूर संगठन भी इसमें शामिल हुआ.
उनकी प्रमुख मांगों में खाद्य सुरक्षा कार्ड से वंचित परिवार को राशन कार्ड प्रदान करना, उचित मूल्य व सही वजन पर अनाज देना, भूकंप से क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत के लिये मुआवजा देना, बटाइदारों को फसल क्षति का लाभ देना, भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को वापस लेना, जिला को आपदा ग्रस्त घोषित करना आदि शामिल है.
धरना को कृपा नंद आजाद, हेम चंद्र झा, भोगेंद्र यादव, मनोज यादव, खगेंद्र प्रसाद वर्मा, सुनील कुमार यादव, राजेंद्र झा, राजेश मिश्र, गणोश झा, ध्रुव नारायण कर्ण, मनोज मिश्र सहित दर्जनों अन्य ने संबोधित किया.
