शहर में पेयजल की समस्या गंभीर है. शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में नगर परिषद एक बार फिर विफल साबित हो रही है. इससे स्थानीय लोगों में नप के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है. वार्ड न. 5 के प्रति उदासीन रवैया के यहां के लोगों का गुस्सा कभी भी फूट सकता है.
मधुबनी : शहर के वार्ड न. 5 में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. इस वार्ड क्षेत्र की आबादी 2140 है. जबकि चापाकल मात्र तीन ही चालू अवस्था में है. बड़ा बाजार, राउत पट्टी नोनिया टोली एवं चभच्च चौक है. जिसमें लगभग 450 परिवार रहते हैं, पर शुद्ध पेयजल के लिए सिर्फ 3 चापाकल ही चालू है. आंकड़ों के मुताबिक करीब सात सौ की आबादी पर एक चापाकल है. ऐसे में लोगों को पेयजल एवं अन्य कार्यो के लिए खासी परेशानी होती है. वहीं 7 चापाकल खराब पड़े है.
नगर परिषद बना उदासीन
शहर के वार्ड न. 5 मे कुल 10 चापाकल है. इसमें विधायक मद एवं विधान पार्षद मद से दो दो तथा नगर परिषद द्वारा छह चापाकल लगाये गये हैं. इनमें से मात्र तीन चापाकल ही चालू है. नगर परिषद चापाकल लगाने में उदासीन बनी हुई है. ऐसा नहीं कि नप के चापाकल नहीं लगायी है. पर सारे खराब पड़े हैं.
मसला जो भी हो नप इस वार्ड के प्रति सौतेला व्यवहार कर रही है . इतनी भीषण गरमी में चापाकल ठीक करना मुनासिब नहीं समझ रही है. लोगों में अब नप के प्रति आक्रोश व्याप्त है.
