प्राथमिकी के छह माह बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी

मधुबनी : बहन की बरामदगी को लेकर भाई हर दिन फरियाद लगाने को विवश है. नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के छह माह बाद भी न बहन से बात हो पायी है और न ही आरोपित की गिरफ्तारी ही हो पायी है. इन छह माह में शायद ही कोई ऐसा सप्ताह गुजरा है जिसमें […]

मधुबनी : बहन की बरामदगी को लेकर भाई हर दिन फरियाद लगाने को विवश है. नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के छह माह बाद भी न बहन से बात हो पायी है और न ही आरोपित की गिरफ्तारी ही हो पायी है. इन छह माह में शायद ही कोई ऐसा सप्ताह गुजरा है जिसमें भाई महताब आलम ने पुलिस अधिकारियों के पास बहन से मिलाने के लिए गुहार न लगायी हो.
क्या है मामला
नगर थाना के भौआड़ा के निवासी स्व. नूर आलम की पुत्री शबनम आरा की शादी वर्ष 2006 में फिरोज अहमद से हुई थी. झंझारपुर थाना के लंगड़ा चौक निवासी फिरोज अहमद व इनके परिवार के मो. सैयून, मो. नसीन, मो. फैयाज एवं नसीमा खातून शबनम की विदागरी के बाद कथित रूप से प्रताड़ित करने लगे.
वर्ष 2007 के बाद शबनम को उसके मायके के किसी भी आदमी से बात नहीं कराये जाने से आहत व अनहोनी की आशंका को देखते हुए बीमार चल रहे स्व. नूर आलम ने अपने पुत्र महताब आलम से थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी. बेटी से महज बात कराने की गुहार लगाते लगाते विवश पिता नूर आलम चल बसे.
पुलिस बरतती रही शिथिलता
इस मामले में नगर थाना में दर्ज कांड संख्या 431/14 में पुलिस शिथिलता बरतती रही. शबनम के भाई महताब आलम दर-दर की ठोकर खाने को विवश रहे.
सह अभियुक्त मो. फैयाज को नगर थाना पर लाकर पूछताछ के बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर छोड़ दिया. जबकि डीएसपी ने सुपरविजन में उसे दोषी बताया है. इधर सह अभियुक्तों ने अपने अग्रिम जमानत याचिका जिला व सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में दाखिल किया है.
जिसमें बताया गया है कि मुख्य आरोपित फिरोज अहमद व शबनम आरा नीदरलैंड में है. ऐसे में शबनम आरा को पुलिस से बात नहीं कराये जाने या वापसी की दिशा में ठोस पहल नहीं किये जाना कई शंकाओं को जन्म देता है.
भाई हुआ बेहाल
शबनम आरा का भाई महताब आलम अपने पिता के गुजरने से बेहाल हो चुके हैं. उन्होंने शंका जाहिर किया कि अगर मेरी बहन शबनम आरा जिंदा है, तो फिर आरोपी द्वारा उन्हें उनकी बहन से बात क्यों नहीं करा रहा है.
उसके शंका जाहिर करते हुए कहा कि या तो मेरी बहन की हत्या आरोपितों ने कर दी है अथवा उसे कहीं विदेश में बेच दिया है. नामजद पांच आरोपी में चार फरार है, जबकि पांचवा आरोपी मो. नसीम अपने ठिकाने उत्तर प्रदेश मुगलसराय पूर्व मध्य रेल प्रबंधक प्लांट डिपो के क्वार्टर नंबर 1477 में रह रहा है. उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार से भी गुहार लगायी है. पता नहीं न्याय कब तक मिलता है.
क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया है कि कांड का अनुसंधान नये सिरे से कराया जा रहा है. शीघ्र ही आरोपितों को गिरफ्तार किया जायेगा एवं शबनम आरा के संबंध में जानकारी इकट्ठा की जायेगी

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