दुर्घटना की बनी रहती है आशंका

मधुबनी : शहर का ऐतिहासिक सूड़ी स्कूल क्षतिग्रस्त भवन में चल रहा है. आठ कमरे जो दूसरी मंजिल पर है वह क्षतिग्रस्त है. छत का प्लास्टर उखड़कर गिरता है. भूकंप के बाद भवन काफी कमजोर हो गया है. इस भवन का निर्माण ब्रिटिश हुकूमत के समय 1921 ई में हुआ था. इसी भवन में होगा […]

मधुबनी : शहर का ऐतिहासिक सूड़ी स्कूल क्षतिग्रस्त भवन में चल रहा है. आठ कमरे जो दूसरी मंजिल पर है वह क्षतिग्रस्त है. छत का प्लास्टर उखड़कर गिरता है. भूकंप के बाद भवन काफी कमजोर हो गया है. इस भवन का निर्माण ब्रिटिश हुकूमत के समय 1921 ई में हुआ था.
इसी भवन में होगा मूल्यांकन
मैट्रिक की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन इसी हाइ स्कूल के भवन में होना है. उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन में लगभग 15 दिन लग सकते है. ऐसे में वीक्षक व प्रधान परीक्षक भवन की जजर्र हालत देख डरे सहमे है.
बनी रहेगी असुरक्षा
जब नियमित रूप से सूड़ी हाइस्कूल में वर्ग संचालन शुरू होगा तो छात्रों में असुरक्षा की भावना बने रहने की संभावना है जिसे प्रधानाध्यापक भी स्वीकार करते है. जिले का यह का यह इकलौता हाइ स्कूल है जहां बालक बालिका दोनों की पढ़ाई होती है. सह शिक्षा की व्यवस्था होने के कारण यहां छात्र छात्रओं की संख्या काफी रहती है, लेकिन भवन की दुर्दशा को देख छात्र-छात्र आक्रोशित रहती हैं.
मिडिल स्कूल भी क्षतिग्रस्त
सूड़ी हाइ स्कूल के समीप मिडिल स्कूल का दो मंजिला भवन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. इस दो मंजिले भवन में ताला लगा दिया गया है और वर्ग संचालन ठप कर दिया गया है. पढ़ाई बगल के नवनिर्मित भवन में हो रही है. जहां कमरों की संख्या कम है.
क्या कहते हैं हेडमास्टर
सूड़ी हाइ स्कूल में हेडमास्टर विश्वनाथ पासवान ने बताया कि कई बार इस संबंध में उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है. अभी तक हाइस्कूल के भवन का नव निर्माण नहीं हो सका है.
उन्होंने स्कूल परिसर में चहारदीवारी निर्माण के लिए भी उच्चाधिकारियों को लिखा है. हेडमास्टर ने बताया कि हाइस्कूल का भवन क्षतिग्रस्त रहने के कारण दो मंजिला पर वर्ग संचालन नहीं किया जा रहा है.

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