ग्रिड में दो माह में भी नहीं लगा 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर

मधुबनी : शहरी क्षेत्र में निर्बाध बिजली को लेकर एनबीपीसी ने लोड के हिसाब से मधुबनी ग्रिड की क्षमता को बढ़ाया है. ग्रिड में पुराने पांच एमवीए का ट्रांसफॉर्मर बदल कर नये 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाने की व्यवस्था की गयी. पावर स्टेशन में दो 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया, लेकिन लगातार बढ़ रहे […]

मधुबनी : शहरी क्षेत्र में निर्बाध बिजली को लेकर एनबीपीसी ने लोड के हिसाब से मधुबनी ग्रिड की क्षमता को बढ़ाया है. ग्रिड में पुराने पांच एमवीए का ट्रांसफॉर्मर बदल कर नये 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाने की व्यवस्था की गयी.
पावर स्टेशन में दो 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया गया, लेकिन लगातार बढ़ रहे उपभोक्ता की संख्या लेकर फिर तीसरे ट्रांसफॉर्मर भी लगाने की व्यवस्था की गयी है. ताकि निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो सके. दो माह से 10 एमवीए का नया ट्रांसफॉर्मर ग्रिड में रखा हुआ है. अभी तक उक्त ट्रांसफॉर्मर को लगाने के लिए विभाग ने पहल नहीं की है.
एजेंसी नहीं कर रही ठीक से काम
बिजली विभाग के शहरी क्षेत्र में तार-पोल सहित अन्य काम के लिए जेकेसी को ठेका दे रखा है. उक्त एजेंसी की ओर से शहरी क्षेत्र में सही तरीका से काम नहीं किया जा रहा है. बीती रात बुद्धनगर कॉलोनी में तार गिर जाने से रात भर बिजली आपूर्ति बाधित रही. पुराने तार रहने के कारण शहर में आये दिन तार टूटने की समस्या बनी रहती है.
चार फीडरों को मिलती है बिजली
शहरी क्षेत्र के 30 वार्ड में कुल 23 हजार पांच सौ बिजली उपभोक्ता हैं. इन उपभोक्ता को बिजली आपूर्ति के लिए विभाग ने शहर को चार फीडरों में बांट रखा है. कोशी फीडर में 10 हजार पांच सौ उपभोक्ता है.
ओवरलोड में सात हजार, न्यू फीडर में पांच सौ एवं इमरजेंसी फीडर में लगभग एक हजार उपभोक्ता को विद्युत मुहैया हो रहा है. लोड के अनुसार ट्रांसफॉर्मर की क्षमता को बढ़ाने के लिए 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर दो माह से पड़ा हुआ है. विभाग की ओर से यदि तीसरे ट्रांसफॉर्मर को भी लगा दिया जाता है तो शहर में निर्बाध बिजली उपभोक्ता को बिजली आपूर्ति मिल सकती है.

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