शिविर लगा कर भूकंप से क्षतिग्रस्त मकानों का मिलेगा मुआवजा
मधुबनी : गत 25 व 26 अप्रैल को जिले में आये भूकंप की त्रसदी में जान-माल की काफी क्षति हुई है. नेपाल की सीमा सटे सात प्रखंडों में मधवापुर, हरलाखी, बासोपट्टी, जयनगर, खुटौना, लदनियां एवं लौकही के अलावे झंझारपुर, अंधराठाढ़ी, रहिका, बाबूबरही, राजनगर, घोघरडीहा, बिस्फी प्रखंड भी प्रभावित हुए हैं.
भूकंप की त्रसदी में दो की हुई मौत
प्रशासन से मिले आंकड़ा में जिले में भूकं प से दो की मौत की पुष्टि अब तक हो पायी है. जबकि भूकंप के दौरान हर्ट अटैक व भगदर से मरने वालों का आंकड़ा 10 से ऊपर है. प्रशासन भूकंप हादसे से मौत उसी को मानता है जिसका पोस्टमार्टम होता है. भूकंप के दौरान हर्ट अटैक एवं भगदर से मरने वालों को आपदा से मौत का मामला नहीं माना जा रहा है.
सरकारी आंकड़े के अनुसार अंधराठाढ़ी अंचल की विमल देवी एवं झंझारपुर अंचल के रूद्रानंद झा के परिजन को ही चार लाख रुपये का अनुदान दिया गया है.
भूकंप के दौरान 25 हुए घायल
सरकारी आंकड़ा भूकंप के दौरान गंभीर रूप से हुए चार घायल एवं सामान्य रूप से 21 घायलों की पुष्टि करता है. इनमें अंधराठाढ़ी में तीन, मधवापुर में पांच, बासोपट्टी में एक, राजनगर में दो, पंडौल में चार, बाबूबरही में तीन, रहिका में तीन, खुटौना में तीन एवं कलुआही अंचल में एक घायलों की सूची तैयार की गयी है.
इनमें गंभीर रूप से घायल चार व्यक्तियों को 43 सौ रुपये प्रति व्यक्ति की दर से 17400 रुपये का भुगतान किया गया है. भूकंप के दौरान 355 आंशिक रूप से कच्च मकान, 38 आंशिक रूप से पक्का मकान, पांच कच्च मकान पूर्व रूप से ध्वस्त हो चुका है एवं दो पशु शेड को क्षति पहुंचा है.
355 आंशिक कच्च क्षति ग्रस्त गृह के लिए 32 सौ रुपये की दर से 11 लाख 36 हजार, 38 आंशिक रूप से ध्वस्त पक्का घरों के लिए 52 सौ प्रति घर के हिसाब से एक लाख 97 हजार छह सौ रुपये एवं पशु शेड के लिए 21 रुपये की दर से 42 सौ रुपये, पांच पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 95100 रुपये की दर से कुल चार लाख 75 हजार पांच सौ रुपये की मांग विभाग से की गयी है.
क्या कहते हैं अधिकारी
भूकंप राहत के संबंध में जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने बताया कि जिला के कर्मियों के सर्वेक्षण के आधार पर भूकंप पीड़ित को राहत अनुदान दिया जायेगा. यह अनुदान शिविर लगाकर दिया जाये. भूकंप के दौरान दीवार गिरने अथवा घर गिरने की घटना में हुए मौत के मामले में नियम के अनुसार अनुदान दिया जाता है. मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि दी गयी है.
