भगतपुर से गांव पहुंचा मजदूर रामवृक्ष का शव

नेपाल के भगतपुर में ईंट-भट्ठा पर करता था मजदूरी पंडौल : नेपाल के भगतपुर में ईंट भट्ठा पर पंडौल के हरिपुर मुसहरी टोल निवासी रामवृक्ष सदाय (52) काम करता था. शनिवार को आये भूकंप में उसकी मौत हो गयी. उसके परिवार वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि चार मास पहले पैसे कमाने […]

नेपाल के भगतपुर में ईंट-भट्ठा पर करता था मजदूरी
पंडौल : नेपाल के भगतपुर में ईंट भट्ठा पर पंडौल के हरिपुर मुसहरी टोल निवासी रामवृक्ष सदाय (52) काम करता था. शनिवार को आये भूकंप में उसकी मौत हो गयी. उसके परिवार वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि चार मास पहले पैसे कमाने दूसरे वतन गया रामवृक्ष फिर कभी वापस नहीं लौटेगा.
रामवृक्ष के परिवार के सभी सपने पल भर में चूर-चूर हो गये. मंगलवार की रात जैसे ही रामवृक्ष का शव उसके गांव पहुंचा, चारों तरफ चीत्कार की आवाज उठने लगी. गम में डूबा मुसहरी टोला की मानों सब कुछ थम गया था. वक्त के आगे सभी लाचार नजर आ रहे थे. आखिर क्या बिगाड़ा था रामवृक्ष ने? उसका कसूर बस इतना था कि वह अपने बच्चों से यह वादा कर गया था जल्दी लौटकर उनकी चाहत पूरी करेगा.
रामवृक्ष के परिजनों के सामने मानों गम का पहाड़ टूट गया. परिवार वालों की सारी खुशियां ताश के पत्तों की तरह ढेर हो गयी.
पार्टी के वक्त आयी तबाही : रामवृक्ष सदाय नेपाल के भगतपुर में ईंट भट्ठा में काम करता था. शनिवार को उसके भट्ठे में छुट्टी रहती थी. अन्य शनिवार की तरह उस दिन भी रामवृक्ष का छुट्टी का दिन था.
आने वाले खतरे से अंजान रामवृक्ष व उसके कुछ साथी छह दिन काम की थकान के बाद अपने मकान में पार्टी करने में लगे थे. सभी साथी खुश नजर आ रहे थे. इसकी बीच अचानक आये जलजले ने सबकुछ तबाह कर दिया. खुशी पर मौत भारी पर गयी. मकान पल भर में ध्वस्त हो गया. मलबे में नेपाल में दबकर मरे हजारों लोगों की सूची में रामवृक्ष भी शामिल हो गया.

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