मधुबनी : जिले में तूफान व ओलावृष्टि से 86 प्रतिशत गेहूं की फसल बरबाद हुई. विभाग मंगलवार की रात आयी तूफान व ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बाद प्रारंभिक आकलन में विभाग ने इसका खुलासा किया है.
जिला कृषि पदाधिकारी शिलाजीत सिंह ने इस संबंध में बताया है कि फिलहाल फसल क्षति के आकलन का काम जारी है. शुरुआती तौर पर 86 प्रतिशत फसल की क्षति होने का रिकार्ड आया है. इसमें सार्वधिक रूप में गेहूं की फसल बरबाद हुई है. उन्होंने बताया है कि पूर्व में हुए क्षति के लिये राज्य सरकार से 44 करोड़ रुपये की मांग की जा चुकी है. नये क्षति आकलन के बाद इसमें बढ़ोतरी हो सकती है. इसका प्रस्ताव पूर्ण आकलन के रिपोर्ट तैयार कर भेजी जायेगी.
अधिकांश गरमा मूंग बरबाद
वहीं ओलावृष्टि व तेज बारिश के कारण जिले के पश्चिमी व पूरबी भाग में गरमा मूंग की फसल का व्यापक नुकसान हुआ है. कृषि विभाग के आंकड़े के मुताबिक जिले में 28 हजार हेक्टेयर में गरमा मूंग की फसल हुई थी. इसमें 22 हजार तीन सौ हेक्टेयर में फसल बरबाद हुई है.
वहीं गेहूं का फसल 96 हजार हेक्टेयर में लगायी गयी थी. इसमें करीब 75 हजार हेक्टेयर की फसल बरबाद हो गयी है. वहीं 3500 हेक्टेयर की फसल बरबाद हो जाने की सूचना है. इसके अलावे जिले में तूफान व ओले से प्रभावित 11 प्रखंडों में 93 प्रतिशत आम व लीची के फसल का नुकसान हुआ है.
