– देर रात मिली मुआवजा राशि, नुकसान का आकलन जारी
– ध्वस्त मकान के लिये मिलेगा 5800 का अनुदान
– पीड़ित परिवारों को दिया जायेगा एक क्विंटल अनाज
– क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मति के लिए सरकार से दो करोड़ मांगा
मधुबनी : जिले में मंगलवार की देर शाम आये तूफान व हुई ओलावृष्टि से हुए नुकसान को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आकलन करने का काम जारी है. फिलहाल सभी वरीय उपसमाहर्ता, एसडीओ व सीओ अपने अधीनस्त प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का जायजा लेने में जुटे हैं.
जिलाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह ने मधेपुर व पंडौल प्रखंड में आधी से प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने बताया कि ओलावृष्टि व तूफान से खजाैली, मधेपुर, पंडौल, बिस्फी, कलुआही,बेनीपट्टी, मधवापुर, रहिका प्रखंड में खासा नुकसान हुआ है. इसमें 5318 कच्चे, फूस व एस्बेस्टस के मकान क्षतिग्रस्त हुए है. जबकि करीब 750 मकान पूर्णत: ध्वस्त हुआ है.
वहीं, पंचायतों से मिली जानकारी में बताया गया है कि पूरे जिले में 12 सौ से अधिक मकान पूर्णत: ध्वस्त हो चुका हैं और 7000 से अधिक क्षतिग्रस्त हुए हैं. डीएम ने बताया है कि फिलहाल नुकसान के आकलन का काम जारी है. प्रतिनियुक्ति पदाधिकारी अपने प्रभार वाले क्षेत्र में पिछले दो दिनों से दौरा कर रहे हैं. वहीं, अनुमंडल पदाधिकारियों की ओर से जायजा के लिए शिविर लगाया गया है. इनमें पीड़ित लोगों से सीधे मुखातिब होकर वास्तविकता के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
मांगा गया दो करोड़
डीएम गिरिवर दयाल सिंह ने बताया है कि मकान व फसलों के क्षति की जो तसवीर उभर कर सामने आयी है, उससे राज्य सरकार को अवगत करा दिया गया है. पूर्णत: ध्वस्त और क्षतिग्रस्त मकानों की सूची तैयार की जा रही है. अब तक के अनुमान के तहत सरकार से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मति के लिए दो करोड़ रुपये की मांग की गयी ताकि प्रभावित इलाकों में शिविर पीड़ित परिवारों के बीच मुआवजे का वितरण हो सके. उन्होंने भरोसा जताया है कि सरकार जल्द ही मुआवजे के लिये अनुशंसित राशि मुहैया करायेगी.
परिजनों को मिला चेक
वहीं तूफान व ओलावृष्टि के दौरान मकान गिरने व उसके नीचे दबने से हुई मौत में मृतक के परिजनों को मुआवजा हस्तगत करायी गयी. जिलाधिकारी के निर्देश पर पंडौल बीडीओ विभू विवेक व बेनीपट्टी एसडीओ राजेश मीणा ने बुधवार की देर रात ही मृतक के परिजनों को 4-4 लाख का चेक दिया गया. इसमें पंडौल प्रखंड के सागरपुर निवासी मृतक प्रेम चंद्र तिवारी उर्फ लाल तिवारी के पुत्र प्रभाष कुमार को मुआवजे का चेक हस्तगत कराया गया. वहीं बेनीपट्टी थाना के पाली व सिरूवारा गांव में क्रमश: सूरत देवी व आशा देवी के परिजनों को चेक दिया गया.
मुआवजा लेने से इनकार
बिस्फी प्रखंड के परसौनी उत्तरी गांव में तूफान के दौरान मरवा गिरने से उसके नीचे दबकर पार्वती देवी व उनके पोता अंकित (12) की मौत हो गयी थी, लेकिन मृतक के परिजनों ने मुआवजा राशि लेने से इनकार कर दिया. दरअसल, दोनों मृतक का परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया.
प्रशासन व ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने लाख कोशिशों के बावजूद अंकित की माता उर्मिला देवी पोस्टमार्टम के लिये तैयार नहीं हुई. जबकि बीडीओ मनोज राय, सीओ नवीन चौधरी, थानाध्यक्ष उमेश राम, मुखिया भोगी सहनी, जिला पार्षद साजीद हुसैन ने परिजनों को पोस्टमार्टम कराने व मुआवजा राशि के चार लाख रुपये का चेक देने की कोशिश की, लेकिन उर्मिला देवी ने अधिकारियों को लिखित देकर लेने से इनकार कर दिया. बताया जाता है कि सरकारी रिकार्ड के लिए मृतक का पोस्टमार्टम जरूरी होता है.
5800 मिलेगा मुआवजा
डीएम ने बताया है कि तूफान व ओलावृष्टि से पूर्णत: ध्वस्त मकानों के लिये मुआवजा राशि देने का निर्देश सभी अंचलाधिकारियों को दिया गया है. इसमें ध्वस्त मकान के पीड़ित परिवार को एक क्विंटल अनाज(50 किग्रा चावल व 50 किग्रा गेहूं), बरतन के लिए 1800, कपड़ा के लिये 1800 व 2000 रुपये नकद दिया जाना है. इसके लिये सभी सीओ को अपने स्तर से मुआवजा राशि दिये जाने का निर्देश दिया गया है. डीएम ने बताया है कि ऐसे पीड़ित परिवारों को खाने व पैसों की दिक्कत नहीं हो इसके लिए कड़े निर्देश जारी किये गये हैं.
