साहरघाट : प्रखंड क्षेत्र स्थित एमजीएम महाविद्यालय परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की संगोष्ठी हुई. इसकी अध्यक्षता कर रही आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका संघ की अध्यक्षा रीता ने कहा कि सरकारी उपक्रमों के विभिन्न क्षेत्रों के अलावे गैर सरकारी उपक्रमों में काम कर रही सभी महिलाओं को नारी सशक्तीकरण के लिए आगे बढ़ने की आवश्यकता है. आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधे मिलाती नजर आ रही हैं.
बावजूद इन दिनों सामूहिक बलात्कार की घटनाएं लगातार हो रही हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालय से लेकर सभी विद्यालयों में अध्ययन कर रही बेटियों को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वो अपनी सुरक्षा खुद कर सकें. वहीं, गोष्ठी में महिला विकास, बेटी बचाव अभियान एवं बेटी पढ़ाव अभियान पर चर्चा करते हुए साक्षर भारत प्रेरक कामनी कुमारी ने कहा कि आज बड़ी संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूह, जीविका समूह, आंगनबाड़ी, आशा व त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका पूरी दक्षता के साथ निभा रही हैं. मौके पर सेविका पुष्पा झा, कविता कुमारी, उषा रानी, शिक्षिका रीता राय, रेणु कुमारी, प्रेरक बबीता कुमारी, ललीता देवी, एएसभी इशा भारती, एमडीएम रसोइया जानकी देवी, यशोदरा देवी व तालिमी मरकज के शहनाज खातून सहित अन्य संगठन की महिलाएं उपस्थित थीं.
लौकही प्रतिनिधि के अनुसार, प्रखंड के नरहिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम हुआ. इसमें सभी ने एक मत से महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया. मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सुधीर कुमार, मुखिया कृष्ण कुमार व जानकी देवी उपस्थित थे.
