प्रमोद की मौत से सकते में लोग

जंगली हाथी को काबू करने में प्रशासन विफल बेनीपट्टी : इंटर की परीक्षा देकर एक दिन पूर्व ही अपने घर लौटे प्रमोद कुमार महतो के पिता व मां को यह पता नहीं था कि बुधवार की सुबह एक जंगली हाथी के कुचलने से उसके बेटे की जान चली जायेगी. कुल तीन भाई और एक बहन […]

जंगली हाथी को काबू करने में प्रशासन विफल
बेनीपट्टी : इंटर की परीक्षा देकर एक दिन पूर्व ही अपने घर लौटे प्रमोद कुमार महतो के पिता व मां को यह पता नहीं था कि बुधवार की सुबह एक जंगली हाथी के कुचलने से उसके बेटे की जान चली जायेगी. कुल तीन भाई और एक बहन में दूसरे नंबर के प्रमोद की मौत के बाद पिता गुगली महतो, माता बबीता देवी और भाई-बहन की चित्कार से नबकरही पंचायत का बकुलवा टोल दहल रहा था.
वहीं, पंचायत में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. प्रमोद के मां, पिता और भाई बहन शव के पास दहारे मारकर रोते हुए कह रहे थे कि मेरे बेटे ने अभी जीवन की शुरुआत भी नहीं की थी. इंटर की परीक्षा देकर अपना भविष्य संवारने में ही लगा हुआ था.
फिर हमनें और मेरे बेटे ने भगवान के घर में ऐसा कौन सा पाप किया था कि जीवन शुरू होने के पड़ाव पर ही वह इस दुनिया में नहीं रहा. मृतक के परिवार सहित संपूर्ण पंचायतवासी पुलिस प्रशासन से मनहूस जंगली हाथी को गोली मार देने की मांग कर रहे थे.
महिला की बची जान
जंगली हाथी ने बुधवार को सबसे पहले अनुमंडल के अरेड़ थानांतर्गत धकजरी गांव के चौर में अपनी दस्तक दी. जहां शौच के लिए गयी यहीं के पासवान टोले के विक्रम पासवान की 28 वर्षीया गर्भवती पत्नी मंजू देवी को अपना शिकार बनाया. श्रीमती देवी को सुंढ़ से जबरदस्त झटका देकर पटक दिया. जिससे उक्त महिला गंभीर रूप से घायल हो गयी. अगल बगल के लोगों ने किसी प्रकार जंगली हाथी से उक्त महिला का जान बचाकर इलाज के लिए धकजरी लाया.
इसके बाद चौर और जंगल के रास्ते हाथी ने इसी थाना क्षेत्र के नबकरही पंचायत के बकुलवा टोल के जंगल में प्रवेश कर खेत पर गये प्रमोद महतो पर हमला बोल दिया. अपने पांव से कलेजा एवं सिर कुचलकर प्रमोद को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया. यह बातें जंगल में आग की तरह फैल गई और हजारों की भीड़ घटनास्थल पर पहुंच गयी. खबर लिखे जाने तक डीएम गिरिवर दयाल सिंह, एसपी राजेश कुमार, एसडीओ राजेश मीणा, डीएसपी राजेश कुमार सिंह प्रभाकर, पुलिस इंस्पेक्टर विनोद कुमार, एसएचओ अरेड़ संजय कुमार, एसएचओ बेनीपट्टी प्रवीण कुमार मिश्र, आरडीओ राघवेंद्र कुमार, सीओ त्रिलोकनाथ झा सहित पुलिस बल और वन विभाग के अधिकारियों की टीम हाथी को कब्जे में करने के लिए हर स्तर से प्रयासरत थी. दो नशीले गोले भी हाथी के शरीर पर दागे गये थे. पर हाथी पकड़ा नहीं जा सका था. बल्कि बासोपट्टी दिशा में भाग रहा था और अधिकारी गण उसका पीछा कर रहे थे.
फसलों को किया बरबाद
हाथी के इस क्षेत्र में पहुंचने से इलाके में उसके और लोगों द्वारा रौंदने के कारण फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. सैकड़ों एकड़ की फसल बरबाद हो गयी है. किसानों द्वारा अपना माथा पीटा जा रहा था. सभी मनहूस हाथी को कोस रहे थे.
ढोल-डुगडुगी का चला दौर
हाथी को फंसाने के लिए मिथिलांचल के पारंपरिक ढोल व पिपही का खूब प्रयोग किया गया. पर जंगली हाथी पर किसी की एक न चली. ढोल पिपही व नशीले गोले का प्रयोग किये जाने के बाद भी हाथी ने बासोपट्टी दिशा में चल दिया. वहीं लोगों के बीच हाथी के खतरे से बचने के लिए डुगडुगी भी पिटवायी गयी.
मुआवजे की उठी मांग
जिला पार्षद अशोक झा, भाकपा राज्य कमेटी के सदस्य कृपानंद झा आजाद, नगवास पंचायत के पूर्व मुखिया अवधेश सिंह, नबकरही के मुखिया राम संजीवन यादव, छात्र नेता चंदन सिंह, लोजपा के जिला उपाध्यक्ष सुनिल कुमार झा, माकपा नेता पवन भारती, प्रखंड भाजपा के महामंत्री विनय कुमार झा, महादलित नेता रामवरण राम, जॉब कार्डधारी मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम लखन राम आदि ने मृतक के परिवार को आपदा की इस घड़ी में उचीत सरकारी सहायता प्रदान करने की जोरदार मांग प्रशासन से की है.

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