मधुबनी : कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक रविवार को कृषि कार्यालय परिसर में हुई. इसकी अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) शीलाजीत सिंह ने की. इस दौरान गरमा मूंग, ढैंचा, किसान मेला, कृषि यंत्र का सत्यापन सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए कई निर्देश दिये गये.
बैठक के दौरान खुटौना, मधेपुर एवं लखनौर प्रखंड में योजनाओं के क्रियान्वयन में वांछित उपलब्धि नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए डीएओ ने तीनों बीएओ व कृषि समन्वयक से स्पष्टीकरण पूछा है. इस दौरान गरमा मूंग, ढैंचा वितरण को लेकर समय से किसानों की सूची बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संचालित योजना को समय से धरातल पर पहुंचाने से ही योजना सफल होगी.
कृषि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने कवायद शुरू कर दिया है. इसके तहत अब किसानों को उनके पंचायत में ही प्रशिक्षण शिविर लगाकर योजना की जानकारी दी जायेगी. कृषि विभाग की ओर से 23 से 26 फरवरी तक पंचायत स्तरीय प्रशिक्षण शुरू होगा. इसमें क्षेत्र के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार किसानों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की न सिर्फ जानकारी देंगे.
बल्कि किसानों को खेती की तकनीकी की जानकारी भी दी जायेगी. बैठक के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने 27 एवं 28 फरवरी को जिला किसान मेला के आयोजन को लेकर भी व्यापक तौर पर दिशा निर्देश दिया. बैठक में विगत मेला में खरीद किये गये कृषि यंत्र का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट जल्द से जल्द कार्यालय में समर्पित करने का निर्देश दिया. इस दौरान मधेपुरा में एक कृषि समन्वयक को गोली मार कर हत्या कर दिये जाने की घटना की निंदा की गयी. लोगों ने मृत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा. वहीं निदेशालय से ऐसी परिस्थिति के लिए सभी एसएमएस का आकस्मिक मद की राशि दिये जाने की मांग की गयी. बैठक के दौरान आत्मा परियोजना निदेशक रेवती रमन, रंधीर भारद्वाज, तनबीरुल हक, एसए रब्बानी सहित सभी बीएओ व कृषि समन्वयक उपस्थित थे.
