मधुबनी : फरवरी माह में पछिया हवा चलने के साथ ही आम के फसल को बेहतर बनाने की कोशिश शुरू हो गयी है. हर क्षेत्र में आम व्यवसायी व किसान अपने-अपने आम के पेड़ में दवा का छिड़काव व पेड़ की देखरेख में जुट गये हैं. आम जिले के लोगों के लिए अर्थोपाजर्न का मुख्य श्रोत रहा है. ऐसे में आवश्यक है कि किसान व व्यवसायी सही समय पर सही दवा का छिड़काव करें. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को समुचित देखरेख व दवा छिड़काव की सलाह दी है.
ऐसे करें दवा का छिड़काव
आम के बेहतर उपज के लिए समय-समय पर दवा का छिड़काव करना आवश्यक है. जिला कृषि परामर्शी रंधीर भारद्वाज व तनवीरूल हक ने किसानों से एक सप्ताह के अंदर दवा का पहला छिड़काव करने की सलाह दी है. इसके लिए एथरिल या चैलेंजर का एक एमएल टेक्सूल, दो ग्राम विशाल एक एमएल दवा प्रति लीटर पानी में मिला कर छिड़काव करने की सलाह दी है.
इसके बाद दूसरा छिड़काव आम में मंजर फलकने से पूर्व करना चाहिए. दूसरे छिड़काव के दौरान चैलेंजर एक एमएम, टेक्सामोन एक एमएल एवं टेगफ्लावर दवा एक एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी है.
