Madhubani : कचरा प्रबंधन के लिए खुलेगा एमआरएफ सेंटर, गीले कचरे से बनेगा जैविक खाद

नगर निगम क्षेत्र में कचरे का प्रबंधन करने के लिए मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनाने की योजना है.

Madhubani : मधुबनी . नगर निगम क्षेत्र में कचरे का प्रबंधन करने के लिए मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनाने की योजना है. नगर निगम ने एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए जगह का भी चयन कर लिया है. नगर निगम के सेंटर में कचरे को अलग करने की मशीन भी होगी. ऑफिस, वाशरूम व स्टाफ के रहने के लिए कमरे की व्यवस्था रहेगी. इस योजना से शहर में फैले कचरे को वाहन के माध्यम से इकट्ठा कर एमआरएफ सेंटर पर डंप किया जाएगा. पहले चरण में सूखा कचरा और प्लास्टिक प्रबंधन का काम होगा. नगर आयुक्त अनिल चौधरी ने कहा कि शहर से प्रतिदिन निकलने वाले कचरे में 40 प्रतिशत सूखा कचरा होता है. इस प्लांट में प्रतिदिन करीब 30 टन सूखा कचरे का प्रबंधन किया जाएगा. क्या है एमआरएफ सेंटर मेटेरियल रिकवरी फैसलिटी (एमआरएफ) सेंटर में कई तरह की लगायी जाएगी. इसके माध्यम से सूखा कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उपयोगी और गैर गैर उपयोगी सामानों को अलग-अलग किया जाएगा. अलग-अलग मशीनों से यह काम होगा. प्लांट को चलाने के लिए मोटर लगाया जाएगा. इससे शहर में कचरा प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी. 45 वार्ड से निकलता है प्रति महीना निकलता है100 टन कचरा नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल शहर से करीब 100 टन कचरा प्रति महीना निकलता है. इसमें 60 प्रतिशत यानी 60 टन बायोलॉजिकल अपशिष्ट होता है. 40 प्रतिशत सूखा यानी करीब 40 टन कचरा होता है. वर्तमान समय में सूखे कचरे को जहां-तहां फेंक दिया जाता है. जिससे वातावरण भी दूषित होता है. स्वच्छता पदाधिकारी अमिताभ गुंजन ने कहा कि एमआरएफ सेंटर पर 30 टन सूखा कचरे का प्रतिदिन प्रोसेसिंग होगा. इस सेंटर के खुलने के शहरवासियों को इस समस्या से निजात मिलेगी. शहर में कचरा प्रबंधन होने से शहर की सफाई समय से हो सकेगी. इससे शहर को एक नई पहचान मिलेगी.

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Author: DIGVIJAY SINGH

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