जयनगर : सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जयनगर रेलवे स्टेशन पर वर्ष 2015 में आधारभूत संरचना के कार्यो में अप्रत्याशित तेजी आने की उम्मीद है. आधारभूत संरचना में विकास के बाद दरभंगा तक आने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के परिचालन का विस्तार यहां तक होना तय है.
पूर्व मध्य रेलवे के उच्च पदस्थ अधिकारियों के अनुसार जयनगर में रेलवे की काफी जमीन खाली पड़ी हुई है. जबकी इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण जंकशन दरभंगा में रेलवे के पास जमीन की कमी है. इससे वहां ट्रेनों के रख रखाव आदि में परेशानी होती है.
अतिरिक्त वाशिंग पिट का होगा निर्माण
रेल प्रशासन जयनगर को प्रमुख टर्मिनल स्टेशन के रूप में परिवर्तित करने के लिए प्रयत्नशील है. इसके तहत यहां एक अतिरिक्त वाशिंग पिट का निर्माण कराया जायेगा. जयनगर में 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाशिंग पिट के बगल में एक अन्य वाशिंग पिट निर्माण के लिए स्थल चयन की स्वीकृति के बाद निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
नये वाशिंग पिट निर्माण के बाद यहां से कम से कम पांच ट्रेन के रख रखाव की क्षमता बढ़ जायेगी. इससे दरभंगा में रख रखाव के लिए विलंबित होने वाली ट्रेनों का विस्तार यहां तक कर दिया जायेगा. आधिकारिक सूत्र ने बताया कि वाशिंग पिट के साथ यहां खराब डिब्बों को रखने के लिए सीक लाइन की कमी भी एक समस्या है. इसका निदान कर लिया जायेगा.
यात्री सुविधाओं का होगा विस्तार
ए ग्रेड दर्जा प्राप्त जयनगर रेलवे स्टेशन पर प्लेट फार्म संख्या चार का निर्माण, प्लेट फार्म संख्या दो एवं तीन का ऊंचीकरण एवं यात्राी सुविधाओं में विस्तार के लिए भी प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में जयनगर-दरभंगा रेल खंड के आमान परिवर्तन के पश्चात फिलहाल यहां करीब 11 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन हो रहा है.
बावजूद इसके स्थानीय लोग पूणा, मुंबई, सूरत आदि प्रमुख शहरों जाने वाली ट्रेन के साथ सवारी गाड़ीकी कमी से परेशान रहते हैं. इस कमी को दूर करने की मांग को लेकर लोग विभिन्न स्तरों पर सक्रिय हैं.
ट्रेनों का बढ़ेगा परिचालन
जयनगर के स्टेशन प्रबंधक बीएन सिंह ने बताया कि नूतन वर्ष 2015 जयनगर-दरभंगा रेल खंड के विकास के लिए महत्वपूर्ण वर्ष साबित होने वाला है. इस वर्ष यहां से स्वतंत्रता सेनानी, जननायक सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ हो सकता है. ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ ही यात्रियों की संख्या के अनुपात में सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है.
