मधुबनीः रेलवे हमेशा लंबी व स्थायी प्लानिंग के लिये मशहूर रहा है, लेकिन इधर कुछ वर्षो से इसमें प्लानिंग का अकाल सा पड़ गया है. इस कारण सरकारी राजस्व का भारी नुकसान होता रहा है. यही स्थिति फिलहाल भी देखने को मिल रहा है.
मधुबनी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म एक का निर्माण लाखों रुपये खर्च कर कुछ दिन पहले ही की गयी थी. लेकिन इसे सही लेवल नहीं दिया गया. अब एक बार फिर से इसके लेवल को ऊपर करने के लिये निर्माण कार्य शुरू किया गया है. इसे शुरू किये गये 20 दिन से अधिक बीत चुका है लेकिन काम यही हुआ कि पत्थर रख कर छोड़ दिया गया है जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है. जानकारी मिली है कि यहां पर काम करने वाले खजौली की समस्या अक्सर उत्पन्न होती रही है.
बोगी डिसप्ले गायब
स्टेशन पर बड़े ही तामझाम के साथ बोगी डिस्पले लगाया गया था जो कई माह से गायब है. प्लेटफॉर्म के अलावे जिस खंभे में इसे लगाया गया था वह झूल रहा है. सूत्रों की मानें तो इस डिस्पले लगाने में ही लाखों रुपये का वारा न्यारा कर दिया गया है.
एनाउंसिंग सिस्टम बंद
आदर्श स्टेशन के दर्जा प्राप्त मधुबनी स्टेशन पर एनाउंसिंग सिस्टम बंद रहता है. बड़े रेल अधिकारी व मंत्री के आगमन पर ही इससे केवल यात्रियों को लाभ मिल पाता है. उनकी रवानगी के साथ ही इसकी आवाज भी गायब हो जाती है और गाड़ी आने के समय भोंपू माइकिंग कर खानापूरी कर ली जाती है. इस तरह की समस्या से रेलवे के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा होने लगा है. प्लेटफॉर्म नंबर 2 के आउटर स्थान एवं बाहर के पोर्टिको में क्षतिग्रस्त फर्श इसका सबूत बना हुआ है.
क्या कहते हैं अधिकारी
स्टेशन अधीक्षक भोला पूर्वे ने बताया कि यहां पर सुधार के काम लगातार किये जा रहे हैं. समस्याओं को खत्म करने की दिशा में काम किया जा रहा है. वहीं आइओडब्ल्यू अवनीकांत ने बताया कि निर्माण कार्य की लगातार मॉनीटरिंग की जाती रही है. गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जायेगी.
