* श्री महाअभियान के दूसरे चरण में सभी पंचायतों में श्री दिवस का आयोजन
मधुबनी : श्री महा अभियान के दूसरे चरण में जिले के सभी पंचायतों में रविवार को श्री दिवस का आयोजन किया गया. इसमें जिला पदाधिकारी लोकेश कुमार सिंह, नोडल अधिकारी रणवीर सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी के के झा सहित जिले के कई विभागीय अधिकारी पंचायतों में आयोजित श्री दिवस का निरीक्षण किया एवं किसानों को श्री विधि से खेती करने का प्रशिक्षण दिया.
श्री दिवस के अवसर पर झंझारपुर प्रखंड क्षेत्र के भराम गांव में जिला पदाधिकारी लोकेश कुमार सिंह पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि श्री विधि से धान की खेती करने एवं इससे होने वाले फायदे से अवगत हैं. लेकिन इस विधि से खेती करने में अभी भी परहेज कर रहे हैं. जबकि यह साबित हो चुका है कि श्री विधि से खेती करने वाले किसानों की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत हो चुकी है.
इस विधि से खेती करने से कम खर्च में काफी अधिक उत्पादकता बढ़ती है. साथ ही कम पानी वाले क्षेत्र में भी इस विधि से खेती करने पर आशा के अनुरूप उपज प्राप्त हुई है. उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्र में धान की खेती करने का आह्वान किया.
* खेती अब घाटे का सौदा नहीं : डीएओ
वहीं जिला कृषि पदाधिकारी केके झा ने कहा कि विगत कुछ साल पूर्व खेती करना लोगों के लिये घाटे का काम हो गया था. लेकिन सरकारी योजनाओं एवं नयी पद्धति से खेती करने के कारण आज खेती को लोगों ने प्राथमिकता के रूप में लिया है.
खेती से आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है. सरकार किसानों को खाद बीज,कृषि यंत्र अनुदानित दर पर उपलब्ध कराने के साथ ही समय समय पर प्रशिक्षण भी दे रही है. इस कारण आज किसान सही समय पर उत्साहित होकर खेती कर रहे हैं. श्री झा ने पंडौल प्रखंड क्षेत्र के गंधवारी,लक्ष्मीपुर सहित कई अन्य पंचायतों का दौरा कर श्री दिवस कार्यक्रम का निरीक्षण किया. जबकि नोडल अधिकारी रणवीर सिंह ने बिस्फी, बेनीपट्टी, मधवापुर प्रखंड के कई गांवों का दौरा किया.
वहीं जिला कृषि परामर्शी रंधीर भारद्वाज, तनवीररूल हक ने कलुआही, बासोपट्टी, लदनियां, खुटौना का निरीक्षण किया एवं किसानों को खेती की जानकारी दी. जबकि एसए रब्बानी एवं कौशल कुमार ने रहिका,जयनगर,खजौली,हरलाखी प्रखंड का निरीक्षण किया. बासोपट्टी प्रतिनिधि के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र के पन्द्रहों पंचायत में रविवार को श्री दिवस शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया. इसका नेतृत्व प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजय राय ने किया.
इस असवर पर प्रत्येक पंचायतों में किसानों के बीच खेती संबंधी आवश्यक बातों की जानकारी किसान सलाहकारों के द्वारा प्रशिक्षण में दी गयी. किसान सलाहकारों ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि खेती में श्री विधि से बहुत सारे लाभ है. इस विधि को अपनाने से उत्पादन मे दोगुनी बढ़ोतरी होती है.
बीएओ श्री राय ने कहा कि पंचायतों में श्री विधि से वंचित किसानों ने भी नये सिरे से श्री विधि के तहत खेती करने का संकल्प लिया है. सभी को खेती करने मे विभाग के द्वारा सहयोग किया जायेगा.
पंडौल प्रतिनिधि के अनुसार, रहिका प्रखंड के सनौर पंचायत के अंतर्गत गंधवारी गांव के कन्या मध्य विद्यालय पर श्री दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी कृष्ण कांत झा ने की.
इस अवसर पर कृषि पदाधिकारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि श्री विधि सीमांत एवं छोटे किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है और इस नवीनतम तकनीकी को अपनाने से उत्पादन में गुणवत्तापूर्ण वृद्धि होगी. जिस तरह से आज किसान श्री विधि को अपना रहे हैं इससे एक नई मुकाम हासिल होगी और यह जिला पूरे बिहार में अव्वल होगी.
किसानों द्वारा सिंचाई से संबंधित सवाल पूछे जाने पर जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि सेलो ट्यूबवेल योजना के माध्यम से 120 फीट तक की गहराई का ट्यूबवेल जिसकी लागत मूल्य 12,000 रुपये तक का अनुदान का प्रावधान है. आवेदन के माध्यम से किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. वहीं दूसरी ओर गंधवारी गांव के प्रगतिशील किसान अवधेश मिश्र के खेत में श्री विधि के 20 नर्सरी बेड का तैयारी किया गया एवं नर्सरी प्रबंधन से बिचड़ा लगाने की जानकारी दी गयी.
इस अवसर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रत्युश कुमार, संजीव झा, किसान सलाहकार दिलीप चौधरी, शंकर झा, लक्ष्मण जी, रामविलास यादव, मनोज मिश्र, गीरीन्द्र मिश्र, नन्द किशोर झा, सुकुमार मिश्र, संतोष कुमार चुन्नु, शफीक अंसारी, कौशल कुमार मिश्र, एवं हर्ष मिश्र सहित क्षेत्र के अन्य किसान मौजुद थे.
बाबुबरही प्रतिनिधि के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में रविवार को कृषि विशेषज्ञों के समक्ष श्री दिवस का आयोजन किया. साथ विशेषज्ञों द्वारा कृषि बारे किसानों की विस्तृत रूप से जानकारी भी दी. श्री विधि से खेती में रासायनिक उर्वरकों क बजाय जैविक खादों के अधिक उपभोग करने की सलाह भी दी गयी.
कृषि विशेषज्ञों द्वारा कहा गया एक एकड़ खेत में रोपनी के लिए 2 किग्रा बीज जरूरत पड़ती है. एक बाल्टी पानी में नमक संख्या अधिक डाले कि अंडा या आलू ऊपर आ जाय. कावेंडाजिन की 5वां दवा से उपचारित कर जुट बोरे में बांध कर रख दे.
साथ सीड वेड पर बोना चाहिए. 10-12 दिन में सीड वेड तैयार हो जायेगा. इसके बाद 10-12 दिन पश्चात बोचरा तैयार होने पर रोपनी करने लायक हो जाता है. साथ 10 इंच के लाइनिंग पर बीज की रोपनी करनी चाहिए.
