Madhubani PACS audit action: मधुबनी जिले में समय से अंकेक्षण यानी ऑडिट नहीं कराने वाली पैक्स समितियों के खिलाफ सहकारिता विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने वाले करीब 140 पैक्स और समितियों के बैंक खातों का संचालन सीज कर दिया गया है. इस बड़ी कार्रवाई के बाद से जिले की संबंधित पैक्स समितियों में हड़कंप मच गया है.
PACS financial compliance: खाता सीज होने से ठप हुई पैक्स समितियों की वित्तीय गतिविधियां
सबसे बड़ा असर समितियों के बैंक खातों से राशि की निकासी पर रोक लगाए जाने से पड़ा है. जिला अंकेक्षण पदाधिकारी मुकेश कुमार के निर्देश और रिपोर्ट के आलोक में रहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक सुदर्शन कुमार ने इन खातों के संचालन पर रोक लगाई है. खाता फ्रीज होने के कारण समितियों की दैनिक वित्तीय गतिविधियां, धान खरीद-बिक्री और किसानों के भुगतान जैसे जरूरी काम पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं.
विभाग का तर्क, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता है प्राथमिकता
सहकारिता विभाग का स्पष्ट कहना है कि पैक्स समितियों के कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए समय पर अंकेक्षण कराना अनिवार्य है. इसके माध्यम से समितियों के आय-व्यय, वित्तीय लेन-देन और सभी अभिलेखों की जांच की जाती है. बावजूद इसके, जिले की कई पैक्स समितियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना ऑडिट कराने में लगातार लापरवाही बरत रही थीं.
अंकेक्षण प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही खातों से हटेगी रोक
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कई बार औपचारिक नोटिस देने के बावजूद पैक्स अध्यक्षों की ओर से अपेक्षित सुधार नहीं देखा गया. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जब तक ये समितियां अपना अद्यतन अंकेक्षण प्रमाणपत्र विभाग को उपलब्ध नहीं कराती हैं, तब तक खातों के संचालन पर लगी रोक जारी रहेगी और उसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी.
यह भी पढ़ें... पक्का मकान और दुकान होने के बाद भी आवास योजना का लाभ लेने पर नोटिस
