कागजी पेच में उलझा दीपा का डीएनए टेस्ट
मधुबनी : जिले के पुलिस व चिकित्सक को किसी का डीएनस सैंपल कैसे लेना है और कैसे सैंपल की समय से जांच होगी यह जानकारी नहीं है. बिना जानकारी के ही सैंपल लिया जा रहा है,उसे प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है. जिसे प्रयोगशाला द्वारा यह कह कर जांच करने से इंकार कर दिया जाता […]
मधुबनी : जिले के पुलिस व चिकित्सक को किसी का डीएनस सैंपल कैसे लेना है और कैसे सैंपल की समय से जांच होगी यह जानकारी नहीं है. बिना जानकारी के ही सैंपल लिया जा रहा है,उसे प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है. जिसे प्रयोगशाला द्वारा यह कह कर जांच करने से इंकार कर दिया जाता है कि यह तरीका गलत है.
कानूनी तौर पर इस प्रकार से सैंपल की जांच नहीं की जायेगी. ऐसे में पीड़ित परिजन रोज रोज थाना पुलिस व कोर्ट की चक्कर लगाने को मजबूर है. एक मासूम को उसकी मां का गोद नहीं मिल पा रहा. वह मां बाप के रहते हुए एक अनाथ की जिंदगी जी रही है. मामला एक बार फिर विशेष दत्तक ग्रहण केंद्र में पल रही दीपा का है. हालात यह है कि इस कागजी पेंच में दो साल बीत जाने के बाद भी दीपा का डीएनए सैंपल सामने नहीं आ सका.
कागजी पेच में फंस गयी है जांच
एक बार दीपा का डीएनए टेस्ट कागजी पेंच में उलझ गया है. जिसके बाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा दूसरी बार डीएनए सैंपल अधूरे कागजात के अभाव में लौटा दिया. इस बार विधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा कांड के आइओ को एक कागजात उपलब्ध कराते हुए इसे दुरुस्त कर डीएनए सैंपल के साथ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
कागज को दुरुस्त करने के बाद डीएनए सैंपल स्वीकार किया जायेगा. जिसके बाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा डीएनए सैंपल की जांच के बाद ही यह खुलासा हो पायेगा कि दो वर्ष से विशेष दत्तक ग्रहण केंद्र में पल रही दीपा दिलीप महतो की पत्नी मंजू देवी की पुत्री है या मो. जहांगीर की पत्नी आसमा खातून की.
पहले भी लिया गया था सैंपल
इससे पूर्व 5 सितंबर 2018 में दिलीप महतो, मंजू देवी, दीपा, मो. जहांगीर, आसमा खातून व उसके पास पल रहा बच्चा मो. जमाल का डीएनए सैंपल झंझारपुर थाना के तत्कालीन एएसआई के समक्ष सदर अस्पताल के पैथ लैव में लिया गया. डीएनए सैंपल को लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला पटना भेजा गया. लेकिन प्रयोगशाला द्वारा डीएनए सैंपल लेने से यह कहकर इनकार कर दिया गया कि संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हैं. जिसके कारण सैंपल जांच के लिए नहीं लिया जा सकता है.
जिसके बाद पुन: दिलीप महतो द्वारा कागजी प्रक्रिया पूरा करने के बाद एक वर्ष के बाद 24 अगस्त 19 को सदर अस्पताल के पैथ लैब में दीपा व मंजू देवी का डीएनए सैंपल लिया गया. जिसे जांच के लिए पुन: विधि विज्ञान प्रयोगशाला एएसआई राज किशोर सिंह द्वारा ले जाया गया. इस बार विधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा डीएनए सैंपल को लेने से पुन: इनकार कर दिया.
साथ ही एएसआई को एक फार्म उपलब्ध कराते हुए उक्त परफर्मा के सभी तथ्यों को भरकर डीएनए सैंपल से साथ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इस संबंध में झंझारपुर थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा एक फार्म उपलब्ध कराया गया. जिसे भरकर जल्द ही डीएनएसैंपल विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भेजा जायेगा. जिसके बाद जांच की जायेगी.