नाबालिग के अपहरण मामले में तीन को तीन वर्ष की कैद

मधुबनी : खजौली थाना क्षेत्र में उन्नीस वर्ष पूर्व हुए नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओम सागर के न्यायालय में सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी खजौली थाना क्षेत्र के मदना टोले अकसपुरा निवासी वैद्यनाथ ठाकुर, हृदय ठाकुर एवं उर्मिला देवी को दफा […]

मधुबनी : खजौली थाना क्षेत्र में उन्नीस वर्ष पूर्व हुए नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओम सागर के न्यायालय में सुनवाई हुई. न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी खजौली थाना क्षेत्र के मदना टोले अकसपुरा निवासी वैद्यनाथ ठाकुर, हृदय ठाकुर एवं उर्मिला देवी को दफा 363 भादवि में दोषी पाते हुए प्रत्येक को तीन – तीन साल कारावास की सजा सुनाई है.

साथ ही न्यायालय ने प्रत्येक को पांच – पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. मालूम हो कि तीनों अभियुक्त मां, पिता एवं पुत्र है. न्यायालय में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक मिश्री लाल यादव ने बहस करते हुए न्यायालय से अधिक से अधिक सजा की मांग की थी. वहीं बचाव पक्ष कि ओर से वरीय अधिवक्ता कमल नारायण यादव ने बहस किया था.

क्या था मामला. अभियेाजन के अनुसार 6 अप्रैल 2000 को सूचक नाबालिग पुत्री ट्यूशन पढ़कर अपने घर वापस आ रही थी. इसी दौरान आरोपी द्वारा आम बगीचा के पास उजला मारुति ले आया और नाबालिग से उसकी मां बीमार है, राजनगर डाक्टर के पास चलने को कहने लगा और जबरदस्ती नाबालिग को बैठाने लगा.
इसी दौरान गांव के ही रामचंद्र मंडल देखते ही उसे ले जाने मना किया, लेकिन वह झांसा देकर नाबालिग को बैठाकर ले गया. जब उक्त युवक नाबालिग के घर आया तो उसके मां को स्वस्थ घर पर देखा था. जानकारी मिलने पर सूचक ने खोजबीन किया था. और इस बावत खजौली थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

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