मधुबनी : सदर अस्पताल के महिला ओपीडी में केयर इंडिया की महिला चिकित्सक के साथ सोमवार को एक आशा कार्यकर्ता द्वारा बदसलूकी करने का मामला सामने आया है. घटना के बाद दो घंटे तक महिला ओपीडी में अफरा-तफरी का माहौल रहा. जिसके बाद मामला शांत हुआ और मरीजों का उपचार शुरू हुआ.
अस्पताल में आये दिन ऐसी घटना घटने के बाद भी विभाग द्वारा सुरक्षा का कोई व्यवस्था नहीं किया जा रहा है. जिसके कारण अस्पताल में चिकित्सक व कर्मी दहशत में रहते हैं. आलम यह है कि मरीज लाइन में नहीं रहकर सीधे चिकित्सक के पास पर पहुंच जाते हैं.
सुरक्षा का नहीं है इंतजाम
सदर अस्पताल के ओपीडी में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण यहां बिचौलियों की चांदी कटती है. जिसमें आशा कार्यकर्ता सहित कई आमलोग भी इस धंधे में लिप्त है. सर्जिकल ओपीडी के चिकित्सक डा. राजीव रंजन ने बताया कि सुरक्षा गार्ड नहीं होने के कारण सभी मरीज सीधे चिकित्सक के टेबल पर आकर जमाबड़ा लगा देता है. लाइन में आने के लिए कहने पर चिकित्सक व कर्मियों के साथ ही तु- तु मै- मै करने लगता है. ऐसे में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज भी नहीं हो पाता है.
सोमवार को 600 मरीजों का हुआ पंजीकरण
सोमवार को ओपीडी में 6 सौ मरीजों का पंजीयन किया गया. जिसमें सबसे अधिक 2 सौ मरीजों का इलाज सर्जिकल वार्ड में डा. राजीव रंजन द्वारा किया गया. जबकि मेल ओपीडी में डा. एसएन झा ने 150 मरीजों का इलाज व परार्मश दिया. वहीं महिला ओपीडी में 170 मरीजों का उपचार किया गया. जिसमें 110 गर्भवती महिला शामिल रही. इसके अलावा चाइल्ड ओपीडी में डा. प्रमोद कुमार द्वारा 70 बच्चे का इलाज किया गया. डा. कुमार ने बताया कि वर्तमान में दस्त, निमोनिया व दिव्यांग बच्चे ही अधिक संख्या में आ रहे है.
