मधुबनी : तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है. धूप से लोग बेचैन हो रहे है. हर तरफ लोग धूप व गरमी से बचने के लिये लोग लगे हैं. सबसे खराब स्थिति स्कूली बच्चों का हो रहा है. तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है. दोपहर में लोग घर से निकलने से परहेज कर रहे हैं. मौसम विभाग ने इस प्रकार के तापमान और कुछ दिनों तक रहने की संभावना जतायी है.
पारा 41 पर, गर्मी से झुलस रहे हैं लोग
मधुबनी : तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है. धूप से लोग बेचैन हो रहे है. हर तरफ लोग धूप व गरमी से बचने के लिये लोग लगे हैं. सबसे खराब स्थिति स्कूली बच्चों का हो रहा है. तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है. दोपहर में लोग घर से निकलने […]

इधर, पारा बढ़ते ही गर्मी में होने वाली बीमारियों में भी इजाफा होने लगा है. जिसमें डायरिया, बुखार, पेट दर्द व लूज मोशन के मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है. वहीं पिछले एक सप्ताह में सदर अस्पताल के इमरजेंसी में डायरिया के दो दर्जन से अधिक मरीजों आ चुके हैं.
इन मरीजों को 12 घंटे तक निगरानी में रखने के बाद घर भेज दिया गया. पर इन दिनों बीते करीब चार दिन से इमरजेंसी में ओआरएस नहीं है. जबकि डायरिया मरीजों को अस्पताल छोड़ने से पूर्व ओआरएस का पैकेट दिया जाता है. जिसके सेवन से मरीज को राहत के साथ इन रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढता है. जिला दवा भंडार में ओआरएस का भंडारण किया गया है पर इसके बाद भी सदर अस्पताल के दवा भंडार के फर्मासिस्ट द्वारा ओआरएस का उठाव नहीं करना गंभीर मामला है. विदित हो कि सदर अस्पताल दवा भंडार से जिला दवा भंडार के दूरी 50 मीटर से भी कम है. ऐसे में प्रबंधन पर सवाल उठना लाजिमी है.
525 हुए पंजीकृत
सदर अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 525 मरीजों का निबंधन किया गया. जिसमें 150 मरीजों को मेल ओपीडी में तैनात चिकित्सक डा. डीएस मिश्रा द्वारा इलाज व परामर्श दिया गया. डा. मिश्रा ने बताया कि तापमान में हुई बढ़ोतरी के बाद अधिकांश मरीज पेट खराब व बुखार से पीड़ित ही आ रहे है. वहीं डायरिया के मरीजों में अक्षय कुमार सिंह, उमा नायक, मो. जाविर, खाहजहां खातून, अनुप कुमार, जय ललिता, निशा कुमारी, सविता कुमारी, माया देवी आदि मरीजों को भर्ती कर उपचार किया गया.
आम लोग भी हो रहे परेशान
मौसम का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से उपर होने के कारण गर्मी के इस मौसम में सड़क पर चलना भी मुश्किल हो रहा है. सूर्य उदय के दो घंटे बाद से ही मौसम में तपिश अपनी दस्तक दे देता है. जिसके बाद स्कूली बच्चों का भी इस गर्मी में बुरा हाल हो जाता है.