आधे घंटे की बारिश से शहर जल जमाव, चलना दूभर

मधुबनी : हल्की सी बारिश में शहर लबलबा जाता है. शनिवार करीब 12 बजे शहर में बारिश के साथ ओले भी गिरे. शहर के सड़कों पर पानी जमा हो गया. जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई. स्कूल, कॉलेज व कार्यालय जाने वाले छात्रों और कर्मियों को सड़क पर लगे पानी के कारण पैदल चलना मुश्किल […]

मधुबनी : हल्की सी बारिश में शहर लबलबा जाता है. शनिवार करीब 12 बजे शहर में बारिश के साथ ओले भी गिरे. शहर के सड़कों पर पानी जमा हो गया. जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई. स्कूल, कॉलेज व कार्यालय जाने वाले छात्रों और कर्मियों को सड़क पर लगे पानी के कारण पैदल चलना मुश्किल था. लोग हाथों में जूता चप्पल लेकर आ जा रहे थे. अचानक आये इस बारिश ने लोगों को परेशान कर दिया. सड़कों पर पानी जमा इसलिए हो गया था कि बरसात के पूर्व नगर परिषद ने कोई तैयारी नहीं की. प्राय: हर नाला जाम पडा है.

आलम यह था कि नाला का पानी भी सड़कों पर आ रहा था. सबसे बुरा हाल महिला कॉलेज रोड़ था. जहां एक से डेढ़ फीट पानी सड़क पर जमा था. जिसके कारण छात्राओं को काफी परेशानी हो रही थी. यही हाल आदर्श नगर कॉलोनी, बीएन झा कॉलोनी, मैक्सि स्टैंड, निजी एवं सरकारी बस पड़ाव का था. जहां जल जमाव के कारण कीचर जमा हो गया था. गिलेशन बाजार में सड़कों पर जमा कीचर व पानी से लोगों का आना जाना बंद हो गया था. जीर्ण- शीर्ण सड़कों पर जमा पानी के कारण कई जगह बाइक सवार गिर भी गये.
नहीं हुई नालों की सफाई. शहर के मुख्य सड़कों के किनारे नालों की सफाई नहीं होने से सड़कों पर पानी जमा हो गया. दरअसल, नगर परिषद द्वारा नालों की सफाई शुरू नहीं की गयी है. शंकर चौक से किशोरी लाल चौक जाने वाली सड़क किनारे नालों की सफाई कर सड़क पर ही छोड़ दिया गया. जिसके कारण सड़क कीचर से पटा था. अभी चल रहे इंटरमीडिएट की जांच परीक्षा के लिए सैकड़ों छात्रों को काफी परेशानी हुई. शहर के वार्ड नंबर 5 के मच्छहट्टा चौक पर किंस कैनाल का पानी उछलकर सड़कों से निकल रहा था. जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित रही.
इस बरसात में डूबेगा शहर : दरअसल, शहर में जल निकासी के लिए मुख्यालय तीन कैनाल वाटसन, किंस व राज कैनाल है. बरसात पूर्व इसकी सफाई अब तक शुरू भी नहीं की गयी है. हालांकि मधुबनी स्ट्रॉम वाटर प्रोजेक्ट के तहत इसकी पक्कीकरण का काम कराया जाना है. अब तक सिर्फ निरीक्षण का कार्य ही शुरू हुआ है. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय भी तीन साल है. शहर में नगर परिषद द्वारा जल निकासी की कोई योजना बनी है. इस बरसात शहर से पानी कैसे निकलेगा यह गंभीर है. प्रत्येक साल बरसात के समय खाना पूर्ती तो होती है. पर देखना होगा की प्रोजेक्ट शुरू होने के बहाने नप हाथ पर हाथ धर कर बैठी है. ऐसे में इस बरसात शहर डूबेगा.

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