नगर विकास विभाग ने जारी किया है आदेश
गिरफ्तार करने पर थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण
मधुबनी : जयनगर एसएचओ को दफा 498 (ए) भादवि के साथ बिना साक्ष्य के दफा 307 भादवि में गिरफ्तार कर रिमांड हेतु न्यायालय भेजना महंगा पड़ा. प्रभारी एसडीजेएम महेश्वर दूबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जयनगर थाना एसएचओ सदेह उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. साथ ही गिरफ्तार व्यक्ति को न्यायालय ने रिमांड नहीं लिया. साथ ही अभिलेख को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अंतर्गत बनी फैमिली वेलफेयर कमिटी भेजने का निर्देश दिया. साथ ही गिरफ्तार कर रिमांड के लिए लाये व्यक्ति को छोड़ दिया गया.
क्या था मामला : जानकारी के अनुसार जयनगर थाना क्षेत्र वैरा परसा के सूचिका प्रीति देवी ने अपने ससुर बौएलाल यादव, सास सोनिया देवी, ननद भुखनी कुमारी पर गाली गलौज व मारपीट करने का आरोप लगा कर जयनगर थाना में 22 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कराई थी. प्रीति देवी की पति सूरज यादव सिल्लीगुड़ी में नौकरी करता है. थानाध्यक्ष द्वारा उक्त मामले को लेकर दफा 498(ए), 323, 307, 504, 506/34 भादवि में प्राथमिकी दर्ज कर ससुर बौए लाल को गिरफ्तार कर लिया. गुरुवार को रिमांड के लिए एसडीजेएम न्यायालय में पेश किया. प्रभारी एसडीजेएम महेश्वर दूबे ने दफा 307 भादवि में कोई साक्ष्य नहीं होने पर रिमांड पर लेने से मना कर दिया. साथ ही जयनगर एसएचओ को स्पष्टीकरण देने का आदेश जारी किया.
498(ए) में गिरफ्तारी का नहीं है आदेश : दहेज प्रताड़ना के मामले में दफा 498(ए) भादवि में सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार गिरफ्तार नहीं करना है. इसके लिए उक्त आशय के मिले आवेदन को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अंतर्गत बने फैमिली वेलफेयर कमेटी में भेजना है. जहां परिवारों के बीच सौहदर्यपूर्ण वातावरण में सुलह हो सके.
