संसाधन का रोना . एक माह में तीन बार हो चुकी है सड़क दुर्घटना, एक की मौत
चालक की कमी का खामियाजा जान गंवा कर चुका रहे जवान
एक दर्जन से अधिक जवान व अधिकारी हो चुके हैं घायल
मधुबनी/फुलपरास : जिले में पुलिस महकमा संसाधन की कमी से जूझ रहा है. जवानों, वाहनों व हथियारों की बात कौन कहे. सबसे अधिक परेशानी इन दिनों चालक को लेकर हो रही है. जिले में स्वीकृत चालक के विरुद्ध पदस्थापन नहीं है. जिसका खामियाजा अब पुलिस जवानों को जान देकर गंवानी पड़ रही है.
अभी बात केवल फुलपरास अनुमंडल पुलिस की हो तो जिस प्रकार से हादसे के बाद हादसे हो रहे हैं वह तो यही बता रहा है कि अनुमंडल पुलिस पर इन दिनों खतरा मंडरा रहा है.
कभी दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं तो कभी लापरवाही में अधिकारी निलंबित हो रहे है. तो इससे भी दो कदम आगे कि अब इन पुलिस अधिकारियों को अपराधी भी घेर कर जानलेवा हमला करने लगे हैं. बीते एक माह में कई ऐसे घटना घट चुका है जिसमें कई पुलिस अधिकारी बाल बाल बच गये. हालांकि बीते शनिवार की रात सड़क दुर्घटना में एक सिपाही की मौत हो ही गयी. वहीं पांच अभी भी जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं.
तीन बार हो चुकी है सड़क दुर्घटना : एक माह के अंदर अनुमंडल में तीन भयानक सड़क दुर्घटना हो चुकी है. तीनों बार पुलिस अधिकारी की जान बाल – बाल बच गयी.
पहली घटना में फुलपरास थाना प्रभारी को सुगापट्टी गांव में अपराधियों को होने की जानकारी मिली. थाना प्रभारी सनोबर खां सहित थाना पुलिस अपराधियों को पकड़ने निकले. पर बीच रास्ते में ही चालक का नियंत्रण खो गया और जीप पुल से नीचे नदी में गिर गयी. गाड़ी में सभी जवान गंभीर रूप से घायल हो गये. संयोग रहा कि इसमें कोई जवान हताहत नहीं हुए. बताया जा रहा है कि चालक के नही होने के कारण थाना प्रभारी सनोबर खां ही गाड़ी चला रहे थे.
सहरसा से लौटने के दौरान भी लगी ठोकर : दूसरा दुर्घटना नैंसी हत्याकांड में जांच को सहरसा गयी पुलिस टीम के साथ घटी. सर्किल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार, खुटौना थाना प्रभारी व अन्य पांच छह जवान जांच कर वापस लौट रही थी. अचानक वाहन से नियंत्रण समाप्त हुआ और एनएच पर बने डिवाईइर से गाड़ी टकरायी. गाड़ी के परखच्चे उड़ गये. सर्किल इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी सहित सभी जवान चोटिल हुए. पर यहां भी जान बाल – बाल बची. इस गाड़ी को भी चालक के अभाव में सर्किल इंस्पेक्टर खुद ही चला रहे थे.
दुर्घटना में एक जवान की गयी जान : तीसरी दुर्घटना बीते शनिवार की रात उस समय घटी. जब ललमनिया थाना पुलिस मधुबनी से क्राइम मिटिंग से वापस लौट रही थी.
पिपरौलिया पेट्रोल पंप के समीप एनएच 57 सड़क पर विपरीत दिशा से आ रहे जेसीबी मशीन से आमने सामने की टक्कर हो गयी. इसमें अमित कुमार नामक जवान की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी. तो थाना प्रभारी सहित छह जवान गंभीर रूप से घायल हो गये. अभी भी सभी जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं. इस हादसे में भी चालक के जगह पर सिपाही ही गाड़ी चला रहे थे.
जानलेवा हमला : पुलिस अधिकारी ना सिर्फ सड़क दुर्घटना से जूझ रहे हैं बल्कि इनके ऊपर अपराधी भी घात लगाकर हमला करने लगे हैं. बीते दिनों फुलपरास थाना के सिसबा दुर्गा मंदिर के समीप लूट की बात बता अपराधियों ने फुलपरास थाना पुलिस को बुलाया और पुलिस के पहुंचने पर 20 – 25 की संख्या में पहु्ंचे अपराधियों ने अचानक ही हमला बोल दिया. जिसमे एएसआई व अन्य जवानों की जान बाल-बाल बची.
दो अधिकारी निलंबित : इधर, अनुमंडल पुलिस के दो दो अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया है. इसमें एक घटना नैंसी हत्याकांड से जुड़ा है.
चर्चित नैंसी हत्याकांड में कथित तौर पर लापरवाही बरते जाने के आरोप में अंधरामठ थाना प्रभारी राजीव कुमार को दरभंगा प्रक्षेत्र के डीआइजी विनोद कुमार ने निलंबित कर दिया़
वहीं केस में लापरवाही बरते जाने के आरोप में घोघरडीहा थाना प्रभारी सरोज कुमार को एसपी ने निलंबित कर दिया है. वहीं लौकही थानाध्यक्ष और इंस्पेक्टर पर विभागीय कार्रवाई की अनुसंशा की गयी है.
