मधुबनी : कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नव निर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण एवं मुख्य पार्षद व उप मुख्य पार्षद का चुनाव शुक्रवार को संपन्न हो गया. मधुबनी के मुख्य पार्षद की कुर्सी वार्ड तीन की पार्षद सुनैना देवी के नाम रहा तो उपमुख्य पार्षद वारिश अंसारी बने. राजनीतिक उठा पटक, अटकलों और जोड़-तोड़ के बीच हुए मुकाबले में सुनैना देवी ने 19 मत हासिल किया जबकि शबनम को मात्र 11 मत मिले. वहीं उपमुख्य पार्षद के लिये चुनावी मैदान में खड़े कैलाश साह व वारिश अंसारी में वारिश अंसारी को 18 मत एवं कैलाश साह को 12 मत मिले. चुनाव परिणाम आने के बाद ही सुनैना देवी व उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गयी. बाहर खड़े उनके समर्थक रंग गुलाल उड़ाने लगे. एक दूसरे को मिठाइयां खिलायी और बधाई दी.
मुख्य पार्षद के चुनाव में दो प्रत्याशी मैदान में सामने आये. इसमें वार्ड तीन के सुनैना देवी व वार्ड 22 की पार्षद शबनम आरा थी. सुनैना देवी के प्रस्तावक के रूप में रेखा नायक एवं जयशंकर साह समर्थक बने.
जबकि शबनम आरा के प्रस्तावक के रूप में खालिद अनवर एवं समर्थक में सुभाष चंद्र मिश्रा रहे. निर्वाची पदाधिकारी दुर्गानंद झा की देख-रेख में चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गयी. गुप्त मतदान के तहत चुनाव संपन्न करायी गयी. मतदान के बाद जब वोटों की गिनती की गयी तो सुनैना देवी को 19 मत मिले जबकि शबनम आरा को 11 मत.
इस प्रकार सुनैना देवी ने शबनम आरा को कुल आठ मतों से शिकस्त देकर मुख्य पार्षद की कूर्सी अपने नाम किया. इसी प्रकार उपमुख्य पार्षद के चुनाव में भी दो प्रत्याशी ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया. इसमें कैलाश साह एवं वारिश अंसारी आमने सामने रहे. चुनाव संपन्न होने के बाद वोटों की गिनती में वारिश अंसारी को 18 मत एवं कैलाश साह को 12 मत मिले. वारिश अंसारी ने 7 मतों से कैलाश साह को परास्त किया. मालूम हो कि मधुबनी नगर परिषद में तीस वार्ड पार्षद हैं.
सघन जांच के बाद मिली प्रवेश की अनुमति : नव निर्वाचित पार्षद को सघन जांच के बाद डीआरडीए स्थित सभा कक्ष में जाने की अनुमति दी गयी. परिसर में प्रवेश के दौरान ही गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी व दंडाधिकारी पार्षदों की मेटल डिटेक्टर से जांच कर रहे थे. व्यापक तौर पर जांच के बाद ही आगे बढ़े. हालांकि बारिश होने के कारण बाहर में सुरक्षा में कुछ कमी जरूर थी. पूरे परिसर में सुरक्षा बल तैनात थे. दंडाधिकारी को भी तैनात कर दिया गया था.
त्रिस्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था : नव निर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण एवं इसके बाद मुख्य पार्षद के चुनाव को शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिये जिल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह एवं पुलिस अधीक्षक दीपक वरनवाल ने नगर परिषद के नव निर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण एवं मुख्य पार्षद व उपमुख्य पार्षद के चुनाव के दौरान त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के संयुक्त आदेश दिए थे.
चुनाव प्रक्रिया शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिये सुरक्षा के व्यापक तौर पर इंतजाम किये गये थे. इसके तहत डीआरडीए सभाकक्ष, परिसर मुख्य द्वार, वाटसन स्कूल के दक्षिणी गेट के समीप एसबीआई मोड़, सदर अनुमंडल कार्यालय के आगे मुख्य सड़क सहित सात स्थानों पर दंडाधिकार, पुलिस अधिकारी व एक चार सशस्त्र पुलिस बल को तैनात किया गया था. हालांकि सुबह सात बजे से लेकर 11 बजे तक बारिश होने के कारण सुरक्षा बल व दंडाधिकारी विभिन्न जगहों पर बचने की कोशिश में रहे. डीआरडीए के मुख्य द्वार पर बने एक होटल में पुलिस कर्मी व अधिकारी बैठे रहे.
वहीं डीआरडीए के मुख्य द्वार पर अशोक कुमार त्रिपाठी एवं वीणा कुमारी चौधरी दंडाधिकारी के रूप में, नगर थाना के एसआई रंजीत कुमार एवं धीरज कुमार पुलिस अधिकारी तैनात थे.
सभा कक्ष के बाहर वरीय उपसमाहर्ता दंडाधिकारी, एसआई भरत यादव, डीआरडीए के दक्षिणी द्वार पर वरीय उपसमाहर्ता विनोद कुमार, एसआई रंजीत कुमार रजक, डीआरडीए के उत्तर द्वार पर वरीय उपसमाहर्ता उपेंद्र पंडित, सहायक आपूर्ति पदाधिकारी उदय शंकर सिंह, रंजना कुमारी सहायक परियोजना पदाधिकारी को दंडाधिकारी के रूप में एसआई शिवजी पासवान, महिला थानाध्यक्ष कंचन कुमारी की भी तैनाती की गयी थी.
शहर भर में रही पुलिस की तैनाती : शहरी गश्ती थाना चौक से कोतवाली चौक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर के कार्यालय की ओर जाने वाली मोड़ पर ड्राप गेट लगेगा, यहां वरीय उपसमाहर्ता विनोद शंकर सिंह, दंडाधिकारी एवं एसआई मृत्युंजय मिश्रा, एसबीआई मोड़ पर ड्राप गेट पर अभिषेक रंजन दंडाधिकारी एवं एसआई अशोक कुमार सिंह किसी सी संभावित खतरा को रोकने के लिये तैनात थे.
