उदाकिशुनगंज प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार देर शाम दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गयी, जबकि तीन लोग घायल हो गये. पहली घटना मुरली चंदवा पुल के पास हुई, जहां एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया. दूसरी दुर्घटना मंजौरा गांव के नवटोलिया के पास हुई, जहां बाइक की ट्रैक्टर से टक्कर हो गयी. दोनों हादसों के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गयी. परिजनों ने समय पर एंबुलेंस और पुलिस के पहुंचने में देरी को लेकर नाराजगी जतायी.
बेटी और बेटे के साथ घर लौट रहे थे कैलाश साह
पहला हादसा मुरली चंदवा पुल के पास हुआ. आलमनगर प्रखंड के भागीपुर गांव निवासी कैलाश साह अपने निजी ऑटो से पुत्री चुलबुल देवी और पुत्र छोटू कुमार के साथ पहियारपुर से भागीपुर जा रहे थे. इसी दौरान पुल के पास ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया.
हादसे में ऑटो सवार तीनों लोग घायल हो गये. स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को उदाकिशुनगंज के रेफरल अस्पताल हरेली पहुंचाया. कैलाश साह की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें मधेपुरा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. परिजनों के अनुसार मेडिकल कॉलेज ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी.
ट्रैक्टर से भिड़ी बाइक, युवक की मौके पर मौत
दूसरी दुर्घटना मंजौरा गांव के नवटोलिया के पास हुई. स्व. दुखन पासवान के 32 वर्षीय पुत्र जय कृष्ण पासवान बाइक से अपने घर मंजौरा लौट रहे थे. बाइक पर पुरैनी बाजार निवासी रामविलास मिस्त्री के पुत्र शंकर मिस्त्री भी सवार थे.
नवटोलिया के पास बाइक की ट्रैक्टर से जोरदार टक्कर हो गयी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जय कृष्ण पासवान की मौके पर ही मौत हो गयी. वहीं शंकर मिस्त्री गंभीर रूप से घायल हो गये. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मधेपुरा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया.
एंबुलेंस में देरी पर परिजनों ने जतायी नाराजगी
हादसे के बाद परिजनों ने अस्पताल और पुलिस व्यवस्था को लेकर नाराजगी जतायी. उनका आरोप है कि सूचना देने के बावजूद समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी. पुलिस की डायल 112 टीम मौके पर पहुंची, लेकिन बिहारीगंज थाना पुलिस के करीब दो घंटे बाद पहुंचने की बात परिजनों ने कही.
परिजनों के अनुसार खबर लिखे जाने तक शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करायी गयी थी. इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गयी.
पांच बेटियों को छोड़ गये जय कृष्ण
जय कृष्ण पासवान की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वह अपने पीछे पांच छोटी-छोटी बेटियां छोड़ गये हैं. हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में मातम पसरा हुआ है.
स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर रोक लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराना जरूरी है.
दोनों शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी. पुलिस दोनों हादसों की जांच कर रही है. दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदार वाहनों को लेकर भी जानकारी जुटायी जा रही है.
