-प्रदूषण कम करने की जगह बढ़ा रहा है नप, सांस की गीमारी से ग्रसित हो रहे लोग-
मधेपुरा.
मधेपुरा-पूर्णियां नेशनल हाइवे 107 पर मतनाजा पुल के पास कचरा डंपिंग ने मधेपुरा नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे संवेदनशील और व्यस्त इलाके को कचरा फेंकने की जगह बना देना साफ तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था को उजागर करता है. दिनभर वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर सड़ते कचरे से उठती दुर्गंध, उड़ती गंदगी और फैलता प्रदूषण राहगीरों व स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है. स्थिति यह है कि पुल के आसपास रहना और गुजरना तक दूभर हो गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसे ””अस्थायी”” व्यवस्था बताकर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं.-अनुनय-विनय या आवेदन-निवेदन का भी असर नहीं-स्वच्छ मधेपुरा-सुंदर मधेपुरा का स्लोगन देने वाले नगर परिषद को नागरिकों की सुविधा से कोई लेना-देना नहीं रह गया लगता है. शहर से दूर कहीं डंपिंग यार्ड बनाने की निर्धारित नीति को दरकिनार अपनी सुविधा के हिसाब से घनी आबादी वाली बस्ती के बीच या फिर नदी अथवा घाटों के किनारे डंपिंग कर पर्यावरण को दूषित करना नप की नियति बन गई है. इससे आसपास रहने वालों या उस मार्ग से गुजरने वाले लोगों के सांस में वह जहर घुलती जा रही है. किसी को सांस की बीमारी तो किसी को आंख की बीमारी हो रही है, लेकिन बार-बार अनुनय-विनय और आवेदन-निवेदन करने के बाद भी जिम्मेवार परिषद अपने रवैये में सुधार नहीं कर रहा है. यह कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि नगर परिषद ही नागरिकों के जान का दुश्मन बना हुआ है. स्वच्छता की रैंकिंग में आने का प्रयास भी नहीं कर रहा है.
– वर्जन –स्थायी डंपिंग यार्ड में कंपोस्ट पिट और एमआरएफ का निर्माण जारी है और इसे पूरा होने में अभी एक से डेढ़ महीने का समय लगेगा. तब तक पुल के पास कचरा डंप किया जा रहा है.
तान्या कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मधेपुरा.