Madhepura, सिस्टम की सुस्ती ने छीना साहूगढ़ का रास्ता: जर्जर पुल हुआ जमींदोज, हजारों की आबादी टापू में तब्दील
सिस्टम की सुस्ती ने छीना साहूगढ़ का रास्ता: जर्जर पुल हुआ जमींदोज, हजारों की आबादी टापू में तब्दील
मधेपुरा से रिपोर्ट,
सदर प्रखंड के साहूगढ़ में विकास के दावों के बीच एक बड़ी आबादी की लाइफलाइन पूरी तरह चरमरा गई है. कई वर्षों से जर्जर हाल में खड़ा पुराना पुल शुक्रवार की देर रात एक भारी वाहन के गुजरने के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो गया. पुल टूटने से न केवल स्थानीय ग्रामीणों का संपर्क कट गया है, बल्कि स्कूली बच्चों और एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल जाने वाले गंभीर मरीजों के लिए भी भारी संकट खड़ा हो गया है.ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नए पुल का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है, जिसके कारण पुराने और जर्जर पुल पर दबाव बना हुआ था. विभाग ने औपचारिकता पूरी करते हुए पुल क्षतिग्रस्त होने का बोर्ड तो टांग दिया है, लेकिन वैकल्पिक रास्ते या निर्माण में तेजी लाने के ठोस कदम अब तक नहीं उठाए गए हैं. पिलर के दरकने और पुल के धंसने से अब इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह जोखिम भरी हो गई है.