मधेपुरा के ऐतिहासिक ठाकुर प्रसाद (टी.पी.) महाविद्यालय परिसर में आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के संयुक्त तत्वावधान में 'छात्र-युवा संसद' का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पालीगंज के विधायक कॉ. संदीप सौरभ, आइसा के बिहार राज्य अध्यक्ष कॉ. धनंजय और जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) के संयुक्त सचिव दानिश अली उपस्थित रहे. वक्ताओं ने मधेपुरा को समाजवादियों की वैचारिक धरती बताते हुए नई शिक्षा नीति (NEP), बढ़ते पेपरलीक मामलों, महंगी होती पढ़ाई और छात्र आंदोलनों पर सरकारी दमन के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई.
'मॉडल स्कूल के नाम पर सिर्फ भगवा रंग पोता गया': विधायक संदीप सौरभ
छात्र-युवा संसद को संबोधित करते हुए पालीगंज विधायक कॉ. संदीप सौरभ ने कहा कि मधेपुरा समाजवादियों और विचारकों की पावन भूमि है, जिसने पूरे देश को नई दिशा दी है.
सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा:
- डिग्री बांटने तक सीमित शिक्षा: नई शिक्षा नीति के नाम पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. आज कॉलेज परिसरों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के बजाय केवल कागजी डिग्रियां बांटी जा रही हैं.
- रासबिहारी हाई स्कूल का उदाहरण: उन्होंने आरोप लगाया कि मॉडल स्कूल के नाम पर कोई बुनियादी सुधार नहीं हुआ, केवल नाम बदलकर भवनों को भगवा रंग से रंग दिया गया. पढ़ाई के स्तर और इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई वास्तविक बदलाव नहीं आया है.
लाठी-गोली की सरकार को युवा देंगे जवाब: आइसा प्रदेश अध्यक्ष
आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने छात्र आंदोलनों पर हुए प्रशासनिक दमन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हक की मांग करने वाले युवाओं पर लाठियां और गोलियां बरसाई गईं, जिसका जवाब युवा लोकतांत्रिक तरीके से देंगे.
उन्होंने याद दिलाया कि 22 जुलाई को पटना में हजारों छात्रों द्वारा राजभवन और विधानसभा का किया गया घेराव राज्य में बड़े बदलाव का स्पष्ट संकेत है. उन्होंने बताया कि आइसा पूरे बिहार में घर-घर संपर्क अभियान चला रही है और छात्र लामबंद हो रहे हैं.
'पेपरलीक से बर्बाद हो रहा छात्रों का भविष्य': दानिश अली
जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश अली ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान शासनकाल में पेपरलीक का ग्राफ तेजी से बढ़ा है:
- संसद मार्च पर लाठीचार्ज: नीट (NEET) पेपरलीक के खिलाफ संसद मार्च निकालने वाले निर्दोष छात्रों पर लाठियां और पैलेट गन चलाई गईं.
- इस्तीफे की मांग: उन्होंने कहा कि छात्र जंतर-मंतर पर डटे रहे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. तानाशाह रवैये के खिलाफ छात्रों को अपने अधिकारों के लिए लगातार संगठित होना पड़ेगा.
महंगी शिक्षा के कारण गरीब छात्र कैंपस छोड़ने को मजबूर: डॉ. कुंदन सुमन
कार्यक्रम में मौजूद समाजसेवी डॉ. कुंदन सुमन ने कहा कि शिक्षा इतनी महंगी कर दी गई है कि गरीब, किसान और मजदूर के बच्चे उच्च शिक्षा संस्थानों से बाहर होने लगे हैं. उन्होंने चिंता जताई कि जो परीक्षा फॉर्म पहले 200 रुपये में भरे जाते थे, अब उनके लिए 2000 से 3000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं.
6 सितंबर को पटना में बड़ा राज्यव्यापी सम्मेलन
कार्यक्रम की अध्यक्षता आइसा मधेपुरा के जिला सचिव पावेल कुमार ने की.
उन्होंने घोषणा की कि आगामी 6 सितंबर को पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में आइसा का एक विशाल राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा मुख्य रूप से शिरकत करेंगी.
इस छात्र-युवा संसद में आइसा जिलाध्यक्ष अभिषेक कुमार विकास, उपाध्यक्ष राजकिशोर राज, आरवाईए जिला संयोजक कृष्ण कुमार, सुपौल आरवाईए संयोजक अमित चौधरी, सहरसा आइसा जिला सचिव संतोष सियोटा, आरवाईए संयोजक कुंदन कुमार सहित कोसी प्रमंडल के तीनों जिलों के अनेक छात्र नेता व सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे.
