कुमारखंड.
प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रामनगर महेश पंचायत के सामुदायिक भवन श्रीनगर में शुक्रवार से आत्मा के तहत रबी फसलों में रोग-कीट व्याधि से बचाव को लेकर किसानों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ. प्रशिक्षण के पहले दिन रबी फसलों पर लगने वाले कीटों व बीमारियों के प्रबंधन पर जानकारी दी. प्रशिक्षण का उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना था, ताकि फसलों में कीटों व बीमारियों का प्रकोप कम किया जा सके. विशेषज्ञों ने बताया कि रबी फसलों में कीट व व्याधि का प्रकोप अक्सर देखा जाता है. किसानों को जैव उर्वरकों व जैव कीटनाशकों के उपयोग के बारे में जानकारी दी गयी. इसमें नीम का तेल व गौमूत्र जैसे प्राकृतिक स्प्रे का इस्तेमाल करने की सलाह दी गयी व बताया कि यह पर्यावरण के अनुकूल होता है.मौके पर प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी सह कृषि समन्वयक सुमन सौरभ, सहायक तकनीकी प्रबंधक रूपेश कुमार, जयशंकर भारती, किसान सलाहकार बिप्लब कुमार ने किसानों को कीट प्रबंधन के आधुनिक व जैविक तरीकों के बारे में जानकारी दी. मौके पर तकनीकी प्रबंधक रुपेश कुमार ने कहा कि प्राकृतिक खेती में जैविक उपायों, देशी संसाधनों तथा समन्वित प्रबंधन तकनीकों को अपनाकर फसल सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकता है.
उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया. साथ ही उन्होंने आच्छादन व जैविक खरपतवारनाशी के प्रकार व लाभ पर प्रकाश डाला. तकनीकी प्रबंधक जयशंकर भारती ने प्राकृतिक खेती में कीट व रोगों की पहचान,निगरानी व जैविक नियंत्रण विधियों पर जानकारी दी. मौके पर उप मुखिया सुमन कुमार, पंसस प्रतिनिधि प्रभु नारायण ठाकुर, किसान कलानंद यादव, राजेंद्र भगत, मो हारुन, बाल किशुन साह, मनोज साह, राजकुमार, जय कृष्ण यादव, विपिन यादव, राजेश कुमार, देवनारायण राय आदि मौजूद थे.