Singheshwar Nath Dham Last Somwari: सावन की अंतिम सोमवारी पर सिंहेश्वरनाथ धाम में आस्था का ऐसा महासैलाब उमड़ने वाला है, जहां लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच प्रशासन की व्यवस्था भी कसौटी पर होगी. बाबा सिंहेश्वरनाथ के दरबार में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. रविवार शाम से ही बिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा बंगाल और पड़ोसी देश नेपाल से कांवरियों और श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया.
रविवार रात सिंहेश्वर का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया. सड़कों से लेकर मंदिर परिसर तक हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष सुनाई देते रहे. श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर का पट निर्धारित समय से पहले ही रात एक बजे खोल दिया गया. इससे पहले रात 12 बजे से श्रद्धालुओं को कतार में लगाना शुरू कर दिया गया था.
500 मीटर की कतार, अर्घा से होगा जलाभिषेक
लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने इस बार प्रवेश और निकास के लिए विशेष रूट तैयार किया है. मुख्य द्वार से प्रवेश करने के बाद श्रद्धालु प्रतिमा सिंह धर्मशाला के बगल से होते हुए शिवगंगा के पास पहुंचेंगे.
यहां से नई बैरिकेडिंग के बीच श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर की ओर आगे बढ़ाया जाएगा. करीब 500 मीटर लंबी कतार के बाद भक्त अर्घा के माध्यम से बाबा सिंहेश्वरनाथ का जलाभिषेक कर सकेंगे.
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था की गयी है. मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी रखेंगे.
पांच लाख श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा का चक्रव्यूह
संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक तैयारी की है. मंदिर परिसर के साथ प्रवेश मार्ग, कतार स्थल, पार्किंग और मेला क्षेत्र में पुलिस बल एवं दंडाधिकारी तैनात किये गये हैं.
थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और सीओ नवीन कुमार सिंह के अनुसार, पांच लाख तक की संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इंतजाम किये गये हैं. डीएम और एसपी के निर्देश पर मंदिर परिसर में अतिरिक्त लोहे के पाइप से मजबूत बैरिकेडिंग भी करायी गयी है.
इसका मकसद भीड़ के दबाव को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से जलाभिषेक कराना है.
महादेवपुर घाट से सिंहेश्वर तक कांवरियों की रफ्तार
अंतिम सोमवारी पर महादेवपुर घाट का गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में डाकबम और कांवरिया सिंहेश्वरनाथ धाम पहुंचेंगे. बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के बाद कई श्रद्धालु वापस महादेवपुर घाट की ओर भी रवाना होते रहे.
बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ बंगाल और नेपाल से पहुंचे कांवरियों ने सिंहेश्वर की धार्मिक रौनक को और बढ़ा दिया है. रविवार शाम से ही शहर में कांवरियों की आवाजाही लगातार बढ़ती रही.
एक लाख श्रद्धालुओं को मिलेगा गंगाजल
अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं के लिए गंगाजल की भी विशेष व्यवस्था की गयी है. करीब एक लाख भक्तों के बीच 10 हजार लीटर गंगाजल वितरित करने की तैयारी है.
कतार में खड़े शिवभक्तों को गंगाजल उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे बाबा सिंहेश्वरनाथ का जलाभिषेक कर सकें. प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोगों का लक्ष्य है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को कतार के दौरान ही गंगाजल उपलब्ध कराया जाए.
लाखों की भीड़ में स्वयंसेवकों की भी बड़ी जिम्मेदारी
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर केवल पुलिस और प्रशासन के भरोसे व्यवस्था संभालना आसान नहीं होगा. ऐसे में स्वयंसेवकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण हो गयी है.
स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को सही रास्ता बताने, कतार को व्यवस्थित रखने और भीड़ को आगे बढ़ाने में प्रशासन की मदद करेंगे. गर्मी और उमस को देखते हुए साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
Singheshwar Nath Dham Last Somwari: आज सिर्फ आस्था नहीं, व्यवस्था की भी परीक्षा
सिंहेश्वरनाथ धाम में अंतिम सोमवारी पर आस्था अपने चरम पर होगी. पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के अनुमान के बीच सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को नियंत्रित करते हुए हर भक्त को सुरक्षित और सुगम तरीके से बाबा के दरबार तक पहुंचाना है.
एक तरफ कांवरियों की आस्था उन्हें लगातार सिंहेश्वरनाथ धाम की ओर खींच रही है, तो दूसरी तरफ प्रशासन के सामने भीड़, सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं को एक साथ संभालने की चुनौती है.
हर-हर महादेव के जयघोष के बीच आज असली परीक्षा यही होगी कि श्रद्धालु बिना परेशानी जलाभिषेक कर सकें और पूजा के बाद सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर लौट सकें.
Also Read: बाढ़ के खतरे को लेकर पटना से भागलपुर तक प्रशासन हाई अलर्ट, गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई टेंशन
Also Read: बिहार में देर रात 23 IAS अफसरों का तबादला, इन जिलों के DDC, SDO और नगर आयुक्त बदले गए
