शंकरपुर में जमीन पर कब्जे को लेकर वर्षों से विवाद, कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने दिलाया खरीदार को हक

शंकरपुर में जमीन रजिस्ट्री के बाद भी खरीदारों को कब्जा नहीं मिल रहा था, जिससे वर्षों से विवाद चला आ रहा था. आखिरकार, न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जमीन की मापी कराई और खरीदार को दखल-कब्जा दिलाया.

Shankarpur Land Dispute: मधेपुरा (शंकरपुर). जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद भी वर्षों तक उस पर कब्जा नहीं मिलना किसी भी खरीदार के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है. शंकरपुर थाना क्षेत्र के मौरा टोला-बथान परसा में भी ऐसा ही एक जमीन विवाद लंबे समय से चला आ रहा था. आखिरकार न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर विवादित जमीन की मापी करायी और खरीदार को दखल-कब्जा दिलाया.

कार्रवाई के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया. इस दौरान पुलिस और विरोध कर रहे लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया और न्यायालय के आदेश का पालन कराया.

कोर्ट के आदेश के बाद मौके पर पहुंचा प्रशासन

भूमि विवाद के समाधान के लिए क्रेता विलेंद्र कुमार और सिकेन्द्र कुमार ने भूमि सुधार उप समाहर्ता, मधेपुरा के न्यायालय में वाद संख्या 73/2025-2026 दायर किया था.

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने खरीदार के पक्ष में फैसला सुनाया और जमीन पर कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया. इसी आदेश के आलोक में अंचलाधिकारी राहुल कुमार और थानाध्यक्ष राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ विवादित स्थल पर पहुंचे.

प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन की स्थिति का जायजा लिया और न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई शुरू की.

रजिस्ट्री के बाद भी नहीं मिल पा रहा था भौतिक कब्जा

जानकारी के अनुसार मौरा टोला-बथान परसा निवासी रामबल्लव दास और राधाबल्लव दास, दोनों पिता स्व. लक्ष्मी दास, से निर्मला देवी, पति जय प्रकाश यादव ने खाता संख्या 1103, नया 1417 और खेसरा संख्या 13669, नया 21453 के तहत 127.074 डिसमिल जमीन खरीदी थी.

वहीं इसी प्लॉट की 136 डिसमिल जमीन निबंधित विक्रय पत्र दस्तावेज संख्या 9416/2021 के माध्यम से देवेन्द्र कुमार दास, पिता स्व. नसीब लाल दास, से विलेन्द्र कुमार उर्फ दिलेन्द्र कुमार और सिकेन्द्र यादव, पिता रामदेव यादव, ने खरीदी थी.

जमीन की रजिस्ट्री होने के बावजूद खरीदारों को भौतिक कब्जा नहीं मिल पा रहा था. इसके कारण विवाद लगातार बना हुआ था और खरीदारों को जमीन पर अपने अधिकार के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा.

कब्जा दिलाने पहुंची टीम का विरोध

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जब सीओ राहुल कुमार और थानाध्यक्ष राजीव कुमार पुलिस बल के साथ विवादित जमीन पर पहुंचे, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया.

मौके पर पुलिस प्रशासन और विरोध कर रहे लोगों के बीच तीखी बहस हुई. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और मामले को नियंत्रित किया.

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के आधार पर की जा रही है. इसके बाद विरोध कर रहे लोगों को पीछे हटना पड़ा.

Shankarpur Land Dispute: मापी के बाद खरीदार को सौंपा गया कब्जा

विरोध के बीच प्रशासन ने जमीन की मापी करायी. निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस की मौजूदगी में खरीदार को जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया गया.

इस कार्रवाई के बाद वर्षों से चले आ रहे विवाद का तत्काल समाधान हुआ. खरीदारों को न्यायालय के आदेश के अनुसार उनका हक और जमीन का कब्जा सौंप दिया गया.

प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब इस जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद खत्म होने की उम्मीद है. साथ ही मामले में न्यायालय के आदेश के अनुपालन से यह भी स्पष्ट हुआ कि जमीन विवादों में वैधानिक प्रक्रिया के जरिए समाधान हासिल किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By निरंजन कुमार

निरंजन कुमार प्रिंट माध्यम में 16 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. शंकरपुर (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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