महंगाई से शिक्षा तक सरकार पर बरसे संदीप यादव, बोले- जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनांदोलन जरूरी

युवा राजद के नेता संदीप यादव ने केंद्र और बिहार सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला है. महंगाई, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के बढ़ते बोझ पर चिंता जताते हुए उन्होंने इसे जनविरोधी बताया है.

Sandeep Yadav News: महंगाई का बढ़ता बोझ, युवाओं के सामने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की चुनौतियां, शिक्षा और स्वास्थ्य के महंगे होने की चिंता और सरकारी संस्थानों के निजीकरण का सवाल. इन मुद्दों को लेकर फ्रेंड्स ऑफ तेजस्वी बिहार के प्रदेश संयोजक सह युवा राजद के निवर्तमान प्रदेश महासचिव संदीप यादव ने केंद्र और बिहार सरकार पर निशाना साधा है.

रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में संदीप यादव ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए आम लोगों से अपने अधिकारों और हितों के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे पूंजीपतियों के हाथों में जा रही है और इसका सबसे अधिक असर गरीब तथा मध्यवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है.

उनके बयान में महंगाई से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, परिवहन, पुल निर्माण, नशे और कानून-व्यवस्था तक कई ऐसे मुद्दे शामिल रहे, जिनका सीधा संबंध आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से है.

पेट्रोल और चीनी से लेकर घरेलू बजट तक उठाया सवाल

संदीप यादव ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण, वाहनों की कीमत और चीनी के बढ़ते दाम का जिक्र करते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाया.

उनका कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च का सबसे ज्यादा असर मध्यवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है. घर का बजट पहले से ही सीमित है और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमत बढ़ने से परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है.

उन्होंने गैस सिलेंडर की कीमत और रेलवे किराये का मुद्दा भी उठाया. वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल सब्सिडी बहाल नहीं होने को लेकर भी उन्होंने सरकार से सवाल किया.

शिक्षक भर्ती और छात्रों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए संदीप यादव ने शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआर-4 में रिक्तियों की संख्या और परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग पर सवाल उठाया.

उन्होंने सरकार पर विद्यार्थियों को ठगने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता और पर्याप्त अवसर जरूरी हैं.

बिहार जैसे राज्य में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. ऐसे में भर्ती, रिक्तियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े फैसलों का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है.

शोधार्थियों के आंदोलन का भी किया जिक्र

संदीप यादव ने यूजीसी के नियमों की अनदेखी कर विश्वविद्यालय अधिनियम में बदलाव किये जाने का आरोप लगाया.

उन्होंने शोधार्थियों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि 17 दिनों से अधिक समय से अनशन कर रहे शोधार्थियों की मांगों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने बिहार की शिक्षा व्यवस्था, छात्र ऋण और सरकारी संस्थानों के निजीकरण को लेकर भी सरकार को घेरा.

उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में लिये गये फैसलों का असर केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विद्यार्थियों और उनके परिवारों के भविष्य पर भी पड़ता है.

शिक्षा और स्वास्थ्य महंगा हुआ तो गरीब परिवारों पर बढ़ेगा बोझ

सरकारी मेडिकल कॉलेजों के निजीकरण की चर्चा पर चिंता जताते हुए संदीप यादव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य महंगा होने का सबसे अधिक असर गरीब परिवारों पर पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि यदि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और इलाज आम लोगों की पहुंच से दूर होते गये तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के अवसर सीमित हो सकते हैं.

उन्होंने सरस्वती आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाम को लेकर भी आपत्ति जतायी. उनके अनुसार शिक्षा से जुड़े फैसलों में आम लोगों की भावनाओं और जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए.

विक्रमशिला सेतु और पुलों के मुद्दे पर भी सवाल

बिहार में आधारभूत संरचना से जुड़े मुद्दों पर भी संदीप यादव ने सरकार को घेरा. उन्होंने विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल के निर्माण में देरी का आरोप लगाया.

इसके साथ ही बिहार में लगातार पुल टूटने की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाएं सीधे आम लोगों की आवाजाही, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी हैं.

नशे और अपराध पर सरकार से गंभीर कार्रवाई की मांग

संदीप यादव ने बिहार में बढ़ते नशे और आपराधिक घटनाओं का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार को इन समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए.

नशे का असर केवल इसे इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता. इसका प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है. वहीं, आपराधिक घटनाओं को लेकर आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.

Sandeep Yadav News: जाति-धर्म से ऊपर उठकर आवाज उठाने की अपील

अपने बयान के अंत में संदीप यादव ने आम लोगों से जाति और धर्म से ऊपर उठकर अपने हितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज बुलंद करने की अपील की.

उन्होंने कहा कि महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दे हर परिवार को प्रभावित करते हैं. ऐसे सवालों को लेकर जनांदोलन की जरूरत है और लोगों को इसके लिए तैयार होना चाहिए.

आगे इन मुद्दों को लेकर उनका संगठन किस स्तर पर आंदोलन करता है, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी.

Also Read: बाढ़ के खतरे को लेकर पटना से भागलपुर तक प्रशासन हाई अलर्ट, गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई टेंशन

Also Read: बिहार में देर रात 23 IAS अफसरों का तबादला, इन जिलों के DDC, SDO और नगर आयुक्त बदले गए


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >