मधेपुरा के कुमारखंड से पवन झा की रिपोर्ट:
मधेपुरा: रामनगर से गुड़िया होते हुए बेला तक बनने वाली ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित सड़क का निर्माण कार्य टेंडर के नौ महीने बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो सका है. इससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है.
यह योजना विश्व बैंक पथ के अंतर्गत 4.100 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए स्वीकृत है. इसमें 2500 मीटर बिटुमिनस सड़क और 1500 मीटर पीसीसी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है. योजना की कुल प्राक्कलित राशि 535.869 लाख रुपये है. कार्य प्रारंभ तिथि 19 सितंबर 2025 और समाप्ति तिथि 18 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजना बोर्ड लगाए जाने के बाद संवेदक कार्य स्थल से गायब हो गए हैं और अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है.
वर्तमान में यह सड़क पूरी तरह जर्जर स्थिति में है. जगह-जगह बड़े गड्ढे, टूटे किनारे और उखड़े हुए पत्थरों के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है. बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे जलजमाव के कारण बाइक और साइकिल चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार लोग दुर्घटनाओं का शिकार भी हो चुके हैं.
यह सड़क रामनगर, बेला और गुड़िया सहित कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है. इसी रास्ते से छात्र-छात्राएं स्कूल जाते हैं, किसान अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाते हैं और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी कठिनाई होती है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विभागीय स्तर पर नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा है, जिससे संवेदक की लापरवाही और बढ़ गई है. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा.
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से तत्काल सड़क निर्माण शुरू कराने और जिम्मेदार संवेदक पर कार्रवाई की मांग की है. वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार संवेदक को शीघ्र कार्य शुरू करने का निर्देश दिया जाएगा.
